मुख्यपृष्ठनए समाचारवाह रे सरकार...क्यों न बिगड़े जनता का स्वास्थ्य?

वाह रे सरकार…क्यों न बिगड़े जनता का स्वास्थ्य?

– एफडीए के पास जहरीले तत्वों की जांच के लिए नहीं हैं संसाधन

-विधान परिषद में सरकार ने मानी नाकामी

सामना संवाददाता / मुंबई

राज्य में खाद्य पदार्थों और दवाओं की गुणवत्ता जांच को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। राज्य सरकार ने विधान परिषद में स्वीकार किया है कि अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। एफडीए द्वारा जब्त होने वाले विषैले तत्वों की जांच के लिए भी आवश्यक आधुनिक उपकरण उपलब्ध नहीं हैं।
खाद्य सुरक्षा पर भी उठे गंभीर सवाल
विधान परिषद में पूछे गए एक लिखित प्रश्न के उत्तर में सरकार ने बताया कि विभाग के पास जहरीली सामग्री की जांच वाली प्रणाली, कीटनाशकों के अवशेषों की जांच तथा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रासायनिक तत्वों का परीक्षण करने के लिए आवश्यक अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन हाई-एंड उपकरणों की खरीद के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। हालांकि, निविदा प्रक्रिया को अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिला, जिसके कारण विभाग इन उपकरणों की खरीद नहीं कर सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण खाद्य पदार्थों में मौजूद जहरीले तत्वों, कीटनाशकों के अवशेषों तथा अन्य हानिकारक रासायनिक पदार्थों की प्रभावी जांच में कठिनाई हो सकती है। इससे खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विधान परिषद में सरकार द्वारा दी गई इस जानकारी के बाद विपक्ष ने राज्य की खाद्य एवं औषधि जांच व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण विभाग में आवश्यक उपकरणों का अभाव गंभीर चिंता का विषय है।

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