मुख्यपृष्ठटॉप समाचारदादा गुट की विधायक को चाहिए हिंदुस्थान में बहुविवाह!

दादा गुट की विधायक को चाहिए हिंदुस्थान में बहुविवाह!

-सहयोगी भाजपा ने किया हंगामा

सना मलिक ने की पाकिस्तान की वकालत

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी), बहुपत्नी प्रथा और मुस्लिम पर्सनल लॉ को लेकर मंगलवार को तीखी बहस देखने को मिली। भाजपा विधायक देवयानी फरांदे द्वारा मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों और बहुविवाह के मुद्दे को उठाए जाने के बाद अजीत पवार गुट की विधायक सना मलिक के जवाब से सदन में जमकर हंगामा हुआ।
उन्होंने पाकिस्तान में बहुविवाह की तरह हिंदुस्थान में भी बहुविवाह की वकालत की। इसके बाद सहयोगी भाजपा सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा विधायक देवयानी फरांदे ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को बहुपत्नी प्रथा के कारण अन्याय का सामना करना पड़ता है। उन्होंने राज्य सरकार से प्रश्न किया कि महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए सरकार कब कदम उठाएगी और क्या इसके लिए कोई विशेष टास्क फोर्स गठित की जाएगी। इसके जवाब में सना मलिक ने कहा कि केवल मुस्लिम महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों की चर्चा करना उचित नहीं है।
लागू होगा यूसीसी
गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को संरक्षण और न्याय प्रदान करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यूसीसी के मसौदे, अध्ययन और सुझावों के लिए उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद राज्य में यूसीसी लागू करने के संबंध में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
देश संविधान से चलेगा, कुरान से नहीं
विधानसभा में अजीत पवार गुट की विधायक सना मलिक ने तीन तलाक के मुद्दे पर कहा कि तलाक-ए-अहसन और तलाक-ए-हसन इस्लामी परंपरा का हिस्सा हैं, जबकि तलाक-ए-बिद्दत का इस्लाम में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस प्रथा का व्यवहारिक अस्तित्व ही नहीं था, उसे कानून बनाकर समाप्त किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि बहुपत्नी प्रथा केवल मुस्लिम समाज तक सीमित नहीं है और अन्य धर्मों में भी इसके उदाहरण मिलते हैं। जबकि मुस्लिम समुदाय में इस विषय को लेकर अलग कानूनी व्यवस्था मौजूद है।
सना मलिक के इस बयान पर भाजपा और शिंदे गुट के विधायकों ने कड़ा विरोध जताया। भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि यह देश संविधान से चलेगा, कुरान से नहीं। इस दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ। वहीं अजीत पवार गुट के विधायकों ने सना मलिक का समर्थन किया। इस घटनाक्रम ने महायुति गठबंधन के भीतर वैचारिक मतभेदों को भी उजागर कर दिया। विधानसभा में हुई इस बहस में समान नागरिक संहिता, मुस्लिम पर्सनल लॉ और महिलाओं के अधिकारों को लेकर हंगामा देखने को मिला।

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