-क्या भारत वाकई में आजाद है?
-गृह मंत्रालय पर जमकर बरसीं वांगचुक की पत्नी
-मोदी सरकार पर दागे कई सवाल
`क्या भारत सचमुच आजाद है? १८५७ में, २४००० अंग्रेजों ने महारानी के आदेश पर ३० करोड़ भारतीयों पर अत्याचार करने के लिए १,३५,००० भारतीय सिपाहियों का इस्तेमाल किया था। आज, गृह मंत्रालय के आदेश पर, एक दर्जन प्रशासक २,४०० लद्दाखी पुलिस कर्मचारियों का दुरुपयोग करके ३ लाख लद्दाखियों पर अत्याचार कर रहे हैं। गृह मंत्रालय की ऐसी कड़ी आलोचना सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो वांगचुक ने सोशल मीडिया पर की है। इसी के साथ ही मोदी सरकार पर कई सवाल दागे हैं।
बता दें कि हाल ही में हिरासत में लिए गए पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने लद्दाख में हाल ही में हुई पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय लद्दाख में ब्रिटिश शासन की तरह अत्याचार कर रहा है। उन्होंने पूछा कि क्या भारत वाकई में आजाद है? यहां तो हालात ब्रिटिश शासन से भी ज्यादा खराब हैं। गीतांजलि ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर काफी आक्रामक अंदाज में पूछते हुए लिखा कि क्या भारत सचमुच आजाद है? बता दें कि गीतांजलि अंगमो ने गृह मंत्रालय और पुलिस की आलोचना ऐसे समय में की है जब २४ सितंबर को हुई हिंसा के जवाब में लेह में कर्फ्यू लगा दिया गया और पुलिस ने गोलीबारी की, जिसके कारण बाद में उनके पति को गिरफ्तार कर लिया गया। वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया था।
गीतांजलि ने आरोप लगाया कि डीजीपी जो भी कह रहे हैं, उनका एक एजेंडा है। वे किसी भी हालत में छठी अनुसूची लागू नहीं करना चाहते और किसी को बलि का बकरा बनाना चाहते हैं।
राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने बुधवार को राष्ट्रपति को भी एक भावुक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने लिखा था कि पति की गिरफ्तारी के बाद से उनसे एक बार भी बात नहीं हुई। राष्ट्रपति जी आप तो एक आदिवाली महिला हैं और आप ही आदिवासी का दर्द समझ सकती हैं। कृपया इस पर संज्ञान लीजिए। इसके अलावा गीतांजलि ने जांच एजेंसियों पर आरोप लगाया कि वे पिछले एक महीने से वांगचुक के खिलाफ बड़े पैमाने पर `विच हंट चला रही हैं। विच हंट का मतलब किसी खास व्यक्ति को चुनकर निशाना बनाना।
