-पुनर्विकास का रास्ता साफ…जे. कुमार और AATK कंस्ट्रक्शन में टक्कर…म्हाडा ने शुरू किया बायोमेट्रिक सर्वेक्षण
नागेंद्र शुक्ला / मुंबई
दक्षिण मुंबई के कमाठीपुरा की अब सूरत बदलेगी। पुनर्विकास प्रकल्प की निविदा प्रक्रिया लंबे समय से अटकी हुई थी। लेकिन अब आखिरकार इस प्रकल्प के लिए दो कंपनियों ने निविदा दाखिल की है, जिससे पुनर्विकास का रास्ता साफ हो गया है। यह निविदा जे. कुमार इन्फ्राप्रोजेक्ट लिमिटेड और AATK कंस्ट्रक्शन की ओर से दाखिल की गई है। म्हाडा की मुंबई इमारत दुरुस्ती एवं पुनर्रचना मंडल जल्द ही आर्थिक निविदा खोलेगी। इसके बाद किस कंपनी को प्रकल्प मिलेगा, यह स्पष्ट होगा।
इस बीच, निविदा को प्रतिसाद मिलने के बाद जल्द से जल्द काम शुरू करने की दिशा में मंडल ने कमाठीपुरा के रहिवाशों का बायोमेट्रिक सर्वेक्षण भी शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि करीब 34 एकड़ क्षेत्रफल में फैले कामाठीपुरा में 475 उपकरप्राप्त इमारतें हैं। इसके अलावा 163 गैर-उपकरप्राप्त इमारतें, 15 पुनर्बांधित इमारतें और पीएमजीपी इमारतें भी हैं। अब तक 52 इमारतें जर्जर होकर गिर चुकी हैं। यहां 15 धार्मिक स्थल, दो स्कूल, चार सरकारी कार्यालय और आठ अन्य इमारतें भी हैं। इस क्षेत्र में 6,073 निवासी और 1,342 अनिवासी रहिवासी रहते हैं। अधिकांश इमारतें 1990 के बाद से खराब स्थिति में पहुंच गईं और अब मरम्मत के परे हो गई हैं। इसलिए पुनर्विकास जरूरी हो गया था।
राज्य सरकार ने इस प्रकल्प की जिम्मेदारी म्हाडा दुरुस्ती मंडल को दी थी। मंडल ने प्रोजेक्ट की सूची बनाकर सरकार से मंजूरी ली और “कन्स्ट्रक्शन अँड डेव्हलपमेंट एजेंसी” के प्रावधान के तहत निजी डेवलपर नियुक्त करने के लिए निविदा मांगी थी। लेकिन बार-बार समय बढ़ाए जाने से काम टलता रहा। अब निविदा प्रक्रिया शुरू होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य भी शुरू होगा।
बायोमेट्रिक सर्वेक्षण से होगी सही गणना
मंडल ने दो दिन पहले बायोमेट्रिक सर्वेक्षण शुरू किया है। यह सर्वेक्षण क्षितिज क्रिएशन कंपनी कर रही है। इससे क्षेत्र में कितने घर, निवासी और अनिवासी गाले (दुकानें) हैं, इसका सटीक पता चलेगा। रहीवासियों को 500वर्गफुट के घर मिलेंगे।
पुनर्विकास प्रकल्प के तहत 8,001 रहिवाशों और 800 जमीन मालिकों का पुनर्वसन किया जाएगा।
अनिवासी रहिवाशों को 225 वर्गफुट का गाला मिलेगा
पुनर्वसित इमारतें 57 मंजिला होंगी, जबकि बिक्री के लिए बनने वाली इमारतें 78 मंजिला होने की संभावना है। इससे कमाठीपुरा का कायापलट होने जा रहा है।
