मुख्यपृष्ठनए समाचारबेस्ट का सफर परेशानी का सबब!.. ठेके की बसें हो जाती हैं...

बेस्ट का सफर परेशानी का सबब!.. ठेके की बसें हो जाती हैं कहीं पर भी बंद…यात्रियों को करना पड़ता है काफी देर इंतजार

सामना संवाददाता / मुंबई

मुंबई में बेस्ट से सफर करना मतलब परेशानी का सबब है। बेस्ट की बसें कब, कहां और वैâसे बंद हो जाएंगी। इसकी कोई गारंटी नहीं है। इस बात को गाड़ी चलानेवाले ड्राइवर से लेकर बस कंडक्टर तक भी स्वीकार करते हैं।
बता दें कि मुंबई की बेस्ट सेवा जब से निजी ठेकेदारों के हाथों में गई है, तब से बेस्ट की सेवा रामभरोसे चल रही है। गाड़ी चलानेवाले तथाकथित ड्राइवरों और कंडक्टरों द्वारा अलग ही मनमाना व्यवहार किया जाता है। इसका नजारा हर दिन बस में सफर करने के दौरान देखने को मिलता है। कोई भी ऐसा दिन नहीं जाता, जब यात्रियों और कडेक्टरों या ड्राइवरों के साथ बस में बहस होते न दिखाई दे।
गौरतलब हो कि बेस्ट से सफर करनेवाले यात्रियों की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि बेस्ट बसें आए दिन बीच सड़क पर कहीं भी खराब होकर खड़ी हो जाती हैं। कल प्रतीक्षा नगर डिपो से चलकर बस नंबर १७२ काणेनगर बस स्टॉप पर पहुंचते ही बीच सड़क पर खराब होकर खड़ी हो गई। परिणामस्वरूप बस यात्री आधा से पौन घंटे के बाद दूसरी बस आने पर अपने गतव्य स्थान के लिए रवाना हुए, जिसके कारण यात्रियों को अपने कार्यालयों में पहुंचने में काफी विलंब हुआ। इस दरम्यान महिला यात्रियों से लेकर आम बस यात्री बेस्ट प्रशासन की अव्यवस्था को लेकर कोस रहे थे।
बताया जताा है कि मुंबई में सबसे खराब स्थिति प्रतीक्षा नगर डिपो की है। इस डिपो से निकलनेवाली बसें अपने गतव्य स्थान तक पहुंच जाएं तो समझ जाओ सौभाग्य की बात होगी। इसलिए प्रतीक्षानगर डिपो को यात्रियों द्वारा मजाकिया लहजे में भंगार डिपो कहा जाता है। बेस्ट प्रशासन का इस संदर्भ में एक ही जवाब है, गैरेज में कर्मचारियों की कमी है, पहले की अपेक्षा बसें बहुत कम हुई हैं, स्टाफ की कमी है इसलिए बेस्ट सेवा प्रभावित होती है।

अन्य समाचार