मुख्यपृष्ठस्तंभतहकीकात : रोंगटे खड़े कर देने वाला इंतकाम... बैंत को बनाया हथियार

तहकीकात : रोंगटे खड़े कर देने वाला इंतकाम… बैंत को बनाया हथियार

फिरोज खान

दिल्ली के मालवीय नगर में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर ताजपाल और ४७ साल के आरोपी के बीच बचपन की दोस्ती थी। साथ में खेल- कूदकर दोनों बड़े हुए। कहते हैं ना हर किसी अपराध की वजह जर, जोरू और जमीन होती है। अच्छे दोस्त होने के बावजूद उनके बीच जमीन को लेकर विवाद हो गया। बात इस कदर बढ़ गई कि ताजपाल और उसके साथियों ने आरोपी को इतना पीटा कि उसकी हड्डी-पसली टूट गई। वो ९ महीने तक बिस्तर से भी नहीं उठ पाया था। बड़ी मुश्किलें झेलने के बाद किसी तरह इलाज हुआ, लेकिन पहले जैसे सेहत नहीं बन पाई। पैर की हड्डियां जुड़ तो गई फिर भी लंगड़ाकर चलना पड़ रहा था। उस समय उसका बेटा महज ९ साल का था। बस यहीं से बदले की आग उसके सीने में जल उठी थी। आरोपी ने ऐसी साजिश रची कि ताजपाल को भनक तक नहीं लगी। इंतकाम को अंजाम देने के लिए आरोपी को नौ साल तक इंतजार करना था। आरोपी ने तय किया भले ही बदला लेने में नौ साल लग जाए, फिर भी बदला लेकर ही रहेगा। आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि आरोपी को नौ साल तक इंतजार करना था। उसने फौरन बदला क्यों नहीं लिया? लंबे समय तक बदले की धधकती आग को काबू में रखने के पीछे की वजह भी बड़ी भयानक थी। आखिर वह वक्त आ ही गया, जिसका उसे शिद्दत से इंतजार था। आरोपी ने पता किया ताजपाल कब और कहां मॉर्निंग वाक के लिए जाता है। आरोपी ने एक हफ्ते तक रेकी की और साजिश को अंजाम देने के लिए तैयार हुआ। सुबह ६ बजे ताजपाल गार्डन पहुंचे। आरोपी पहले से वहां क्रिकेट खेल रहा था। मौका मिलते ही आरोपी ने बैट से तेजपाल के सिर पर हमला कर दिया। तेजपाल चकराकर नीचे गिरा ही था कि आरोपी के बेटे ने ताबड़-तोड़ कई गोलियां तेजपाल पर दाग दीं। खून से लथपथ तेजपाल काफी देर तक तड़पता रहा। मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। आखिरकार, उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया तो नौ साल के इंतजार का राज खुल गया। आरोपी ने बताया कि नौ साल पहले वह कमजोर था। उसका बेटा महज नौ साल का था। उसे इंतजार था बेटे के बड़े होने का। बेटा बड़ा हुआ तो उसे इंतकाम के बारे में बताया और तैयार किया। बच्चे के दिल व दिमाग में बदले की भावना इस कदर भर दी कि उसका भी खून खौल उठा। बेटे को हर तरह की ट्रेनिंग देकर मजबूत बनाया। और उसकी उम्र १८ पूरी होने के ठीक एक दिन पहले उससे फायरिंग करवाई, ताकि वह नाबालिग रहे।

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