पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में रविवार को बारिश के कारण हुए भूस्खलन से भारी तबाही हुई। भूस्खलन में अब तक २१ लोगों की जान जा चुकी है। जबकि कई लोग घायल हो गए। निचले इलाकों में भारी बारिश की वजह से जलस्तर तेजी बढ़ रहा है। हालांकि, प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में स्थित बेहद गंभीर बनी हुई। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। सिक्किम से सड़क संपर्क टूट और सिलीगुड़ी-मिरिक का सीधा संपर्क भी टूट गया है।
बता दें कि राज्य के अलग-अलग इलाकों में हो रही भारी बारिश और भूटान की वांगचू नदी का बढ़ता जलस्तर बंगाल के लोगों के लिए मुश्किल बन सकता है। भूटान के अधिकारियों ने चेताया है कि वांगचू नदी का जल बांध के ऊपर बह रहा है। लगातार नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से उत्तरी बंगाल में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। भूटान ने इस संबंध में बंगाल सरकार से किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है। दरअसल, भूटान बंगाल के उत्तर में स्थित है जिसकी वजह से उत्तरी बंगाल में मुश्किल बढ़ने की संभावना अधिक जताई जा रही है। वहीं, वांगचू नदी का नीचे की ओर बहने वाला पानी बंगाल के जलपाईगुड़ी और कूचबिहार ज़िलों को प्रभावित करेगा। पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण कई इलाके जलमग्न हैं।
बांध के ऊपर से बह रहा पानी
भूटान के थिम्पू स्थित राष्ट्रीय जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान केंद्र ने चेताया है कि ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन से जानकारी मिली है कि ताला हाइड्रोपावर बांध के गेट नहीं खुल पाए हैं, जिसकी वजह से नदी का पानी बांध के ऊपर बह रहा है।
राष्ट्रपति ने भी जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म `एक्स’ पर लिखा कि पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हुई जनहानि दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करती हूं।
