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दहेज के लिए फिर जली एक और `निक्की’!.. ५ लाख रुपए के लिए ससुराल वालों ने की दरिंदगी

-प्रेग्नेंट बहू को पीट-पीटकर मार डाला, फिर शव को खेत में जलाया

-६ महीने पहले ही हुई थी शादी

नोएडा के `निक्की’ हत्याकांड ने देशभर में सनसनी मचा दी थी, जहां दहेज के लिए ससुरालवालों ने निक्की को पीटा फिर जिंदा जला दिया। नोएडा के बाद उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में भी इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक विवाहिता के साथ शादी के छह महीने बाद ही ससुराल में दरिंदगी करते हुए पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। विवाहिता प्रेग्नेंट थी, लेकिन ससुराल वालों ने मां के साथ ही बिना जन्म लिए संतान को भी सजा दे डाली। आरोपियों ने विवाहिता की हत्या के बाद शव को पास के ही खेत में खरपतवार से जला दिया। विवाहिता की मां ने रो-रोकर बताया कि बेटी के ससुराल वाले टेंट हाउस खोलना चाहते थे। जिसके लिए बेटी पर पांच लाख रुपए मायके से लाने का दबाव बनाते थे और उसे प्रताड़ित करते थे। पुलिस ने विवाहिता के परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
घटना मैनपुरी जिले के औंछा इलाके में हुई। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राहुल मिठास ने कहा कि मृतका के परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के रंगपुर गांव की रहने वाली रजनी कुमारी की शादी इसी साल २१ अप्रैल को गोपालपुर गांव के रहने वाले सचिन से हुई थी। मृतका की मां सुनीता देवी ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी का पति सचिन, उसका भाई प्रांशु और रिश्तेदार रामनाथ, दिव्या और टीना शादी के समय दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। रजनी पर टेंट हाउस खोलने के लिए पांच लाख रुपए लाने का दबाव बना रहे थे और उसे प्रताड़ित करते थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब मांग पूरी नहीं हुई तो उन्होंने रजनी को प्रताड़ित किया और उसपर जानलेवा हमला किया।
हर दिन दहेज के लिए जलती हैं १८ बेटियां!
भारत में दहेज के लालच ने दशकों से महिलाओं को मौत की आग में झोंका है। एनसीआरबी के अनुसार, २०२२ में दहेज हत्या के कुल ६४५० मामले दर्ज हुए थे। इस आंकड़े के अनुसार बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और हरियाणा ने अकेले ८० फीसदी मामलों में योगदान दिया। इस डेटा के अनुसार, हर तीन दिन में लगभग ५४ महिलाएं दहेज प्रताड़ना और हत्या का शिकार होती रही हैं। यानी हर २४ घंटे में लगभग १८ बेटियां दहेज की भेट चढ़ती हैं।

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