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कई नेता १० महीनों से बैठे हैं बेकार … महायुति के छह राज्यमंत्री बने ‘शो’ पीस!

– किसी के पास नहीं है कोई अधिकार
– कैबिनेट मंत्रियों के पास है सारा पावर

सामना संवाददाता / मुंबई
महायुति सरकार में शामिल तीनों दलों के बीच जमकर ठनी हुई है। एक-दूसरे पर तीनों दल के नेता और मंत्री जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। मौका मिलते ही शिंदे गुट अजीत पवार गुट को घेर रहा है तो अजीत पवार गुट के नेता शिंदे गुट के नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। इसी रस्साकशी के चलते मंत्रालय में कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के बीच तनातनी शुरू है। राज्य में ‘महायुति’ २.० की सरकार बने १० महीने बीत जाने के बाद भी छह राज्यमंत्री अभी तक ‘शो’ पीस बनकर बैठे हुए हैं। इनमें माधुरी मिसाल, योगेश कदम, पंकज भोयर आदि के नाम शामिल हैं।
एक राज्यमंत्री ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वास्तव में कैबिनेट मंत्री अपने राज्यमंत्रियों से घृणा करते हैं, वे उन्हें कोई महत्व नहीं देते हैं। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों को कह दिया गया है कि राज्यमंत्री के आदेश को दरकिनार किया जाए। दरअसल, सरकार में सीएम फडणवीस ने उनके विभागों का बंटवारा ही कुछ ऐसा किया है कि पेंच फंसना लाजिम है। वैâबिनेट शिंदे गुट को दिया है तो राज्यमंत्री अजीत पवार गुट को दिया। इस तरीके से अजीत पवार गुट का यदि वैâबिनेट मंत्री है तो राज्य मंत्री पद शिंदे गुट के झोली में गया है।

फूट चुका है गुस्सा
कुछ दिनों पहले भाजपा की राज्यमंत्री माधुरी मिसाल और शिंदे गुट के वैâबिनेट मंत्री संजय शिरसाट की विभागीय बैठक को लेकर लड़ाई हो गई। नाराज शिरसाट ने सीधे मिसाल को पत्र लिखकर कहा है कि ‘अगर उनके विभाग में कोई बैठक होनी है तो वह मेरी अध्यक्षता में हो।’ असल में मिसाल ने कुछ बैठकें की थीं। अधिकारियों-कर्मचारियों को विभिन्न निर्देश दिए थे, इसकी जानकारी मिलने पर शिरसाट ने नाराजगी व्यक्त की है।

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