-नाराज साथी को दिन-रात मनाने में जुटे भाजपाई
बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही एनडीए गठबंधनों में खलबली मच गई है। चुनाव से पहले सीट शेयरिंग का ये खेल कुछ दिन तक चलेगा। इसे लेकर बीजेपी और जेडीयू के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन पर इस समय सबकी नजरें हैं। बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के तीसरे बड़े हिस्सेदार लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (एलजेपी-आर) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं के बीच सीट बंटवारे की बातचीत पर मंगलवार को सहमति नहीं बन पाई। भाजपा का `ऑपरेशन चिराग’ कल पूरे दिन देखने को मिला। दिन के बाद रात में भी भाजपा के बड़े नेता चिराग को मनाने में जुटे रहे। इन चर्चाओं से इस संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता कि अगर सीटों के बंटवारे को लेकर बात नहीं बनी तो चिराग पासवान एनडीए का गेम बिगाड़ सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि चिराग की डिमांड और बीजेपी के ऑफर में ठीक-ठाक अंतर था। सहयोगी दलों और पार्टी नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद भाजपा नेता दोबारा ऑफर लेकर चिराग पासवान से रात और आज फिर मिल सकते हैं। बिहार भाजपा के प्रभारी विनोद तावड़े, चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और मंगल पांडेय २२ सीटों का ऑफर लेकर गए थे, लेकिन चिराग ने ३० सीटों से कम को आत्मसम्मान से जोड़ दिया। भाजपा नेताओं के साथ बातचीत में चिराग ने स्पष्ट रूप से लोजपा-आर की जीती पांच की पांच लोकसभा सीटों के अंदर कम से कम दो-दो विधानसभा सीटों की मांग रखी है।
