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बारूद के ढेर पर उल्हासनगर शहर! …उल्हासनगर शहर में पुलिस नियम को ताख पर रखकर बिकते हैं पटाखे

अनिल मिश्रा /उल्हासनगर

उल्हासनगर शहर में पुलिस के सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर पटाखों की खुलेआम बिक्री की जानकारी सामने आई है। इस मामले की शिकायत नवी मुंबई की समाजसेविका समीरा प्रकाश देशपांडे (40) ने उल्हासनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई। समीरा देशपांडे दलित पैत्थर ग्रुप के महाराष्ट्र महिला विभाग की अध्यक्ष भी हैं। शिकायत के आधार पर उल्हासनगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और शहर के मोनीका मैरेंज हाल के समीप लँडमार्क गांधी मार्केट में छापेमारी कर 182 बॉक्स ज्वलनशील पटाखे जब्त किए, जिनकी कुल कीमत लगभग 3 लाख 33 हजार 100 रुपये बताई गई है।

पुलिस निरीक्षक संतोष आव्हाड और अपराध शाखा के निरीक्षक कांबले ने मौके का दौरा किया और पाया कि उल्हासनगर में ज्वलनशील पदार्थों के गोदाम असुरक्षित स्थानों पर बनाए गए हैं। नेहरू चौक, उल्हासनगर चार मार्केट और कमल होटल के पास पटाखों की दुकानें संचालित हैं, जिनमें पिछले साल भीषण आग लगने की घटना हुई थी। स्थानीय व्यापारियों के कथित राजनीतिक संरक्षण के कारण सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही थी और बारूद के पटाखे खुलेआम बेचे जा रहे थे।

उल्हासनगर पुलिस ने समाजसेविका की शिकायत पर उमेश बदरिया के खिलाफ अपराध क्रमांक 899/2025 में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 232, 228, 125 के साथ ही ज्वलनशील पदार्थ कानून 1887 की धारा 9ब के तहत मामला दर्ज किया। सहायक पुलिस निरीक्षक प्रकाश गिते मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने यह चेतावनी भी दी है कि भविष्य में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से शहर में सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर लोगों में कुछ हद तक राहत की भावना पैदा हुई है, जबकि पटाखा व्यापारियों को कड़ी निगरानी का सामना करना पड़ेगा।

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