मुख्यपृष्ठधर्म विशेषकिस्मत बदल देते हैं गणपति

किस्मत बदल देते हैं गणपति

शीतल अवस्थी

किसी भी शुभ कार्य का शुभारंभ श्रीगणेश के नाम से होता है। बच्चों को विद्या अध्ययन के लिए स्कूल भेजते समय उनकी स्लेट पर सबसे पहले ‘श्रीगणेशाय नम:’ ही लिखा जाता है। विद्या के देव के प्रति श्रद्धा और विनम्रता रखकर विद्या पाई जा सकती है। विद्या से हमें ज्ञान और बुद्धि मिलती है। हमारे जीवन की आधारशिला विद्या ही है। विद्या जीवन की पहली संपत्ति है। विद्या का आधार बुद्धि है, जो दिमाग में रहती है। गणेश बुद्धि के भी देवता हैं। मनुष्य में बुद्धि ही प्रधान है। शक्ति तो पशुओं में भी होती है लेकिन मनुष्य को पशुओं से ऊपर रखने वाली बुद्धि ही है। बुद्धि की रक्षा के लिए शक्ति जरुरी है, लेकिन शक्ति को बनाए रखने के लिए बुद्धि जरुरी है। गणेशजी के सिर पर हाथी का मस्तक बुद्धि का प्रतीक है। बुद्धि से हमें अच्छे विचार मिलते हैं। बुद्धि ही हमें भलाई और बुराई में फर्क बताती है। गणेश के शरीर में हाथी का सिर बुद्धि, कर्म और शक्ति का प्रतीक है। सिर से जुड़ी सूंड बताती है कि बुद्धि, कर्म और शक्ति में तालमेल होना चाहिए। इसी सामंजस्य से ही हमें सफलता मिलती है। यदि आपको भी बुद्धि के बल पर सफलता पानी हो लेकिन सफलता की राह में रुकावट आ रही है तो उसे गणेश पूजन से दूर किया जा सकता है।

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