सुरेश गोलानी / मुंबई
भायंदर-पूर्व स्थित न्यू श्रीनाथ कॉम्प्लेक्स में रहने वाले लोग अपनी इमारत के एक तल मंजिला फ्लैट में चल रहे वाणिज्यिक (कमर्शियल) रसोई के कारण खतरे के साये में जीने को मजबूर हैं। सोसाइटी के सदस्यों का आरोप है कि इमारत की एक दुकान में चल रहे होटल के मालिक ने आवासीय फ्लैट में कमर्शियल रसोई स्थापित की है, जिसमें भारी मात्रा में व्यावसायिक गैस सिलेंडर, स्टोव और अन्य उपकरणों के उपयोग के अलावा जमीनी स्तर पर चिमनी का एग्जॉस्ट सिस्टम स्थापित किया है। रिहायशी इमारत में बने इस अवैध किचन से यहां रहनेवाले सैकड़ों परिवारों की जान पर बन आई है।
इमारत में रहने वाले अनिल शेलार के अनुसार, गैस सिलेंडर और चिमनी में तेल का जमाव होने से अचानक आग लगने की संभावना कई गुना बढ़ गई है, जिससे पूरी रिहायशी इमारत खतरे में पड़ सकती है।
फायर ब्रिगेड ने झाड़ा पल्ला
अग्निशमन दल के अधिकारियों का कहना है कि सोसाइटी द्वारा होटल मालिक के खिलाफ दायर याचिका को निचली अदालत ने खारिज कर दिया है और मामला उच्च न्यायालय में अब तक विचाराधीन है इसलिए हमारे हाथ बंधे हुए हैं।
क्या कहता है सुरक्षा मानक?
सुरक्षा मानकों के अनुसार, रिहायशी इमारत में इस प्रकार का व्यावसायिक किचन चलाना नियमों के खिलाफ है और चिमनी एग्जॉस्ट की स्थापना (इंस्टॉलेशन) छत से कम से कम ३ फुट की ऊंचाई पर होनी चाहिए, जिससे यह सुनिश्चित होता कि धुआं और गंध आसपास के क्षेत्रों में न फैले।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं
शेलार ने बताया, ‘मीरा-भायंदर महानगरपालिका के स्थानीय प्रभाग कार्यालय और अग्निशमन दल को कई बार शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। हम होटल के खिलाफ नहीं हैं, हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि इस कमर्शियल रसोई को तुरंत बंद किया जाए।’
