-‘महायुति’ ने विभिन्न विभागों में २५० से अधिक कंसल्टेंट किए नियुक्त
-अपने वरिष्ठ अधिकारियों से उठा फडणवीस सरकार का भरोसा
रामदिनेश यादव / मुंबई
महायुति सरकार में लगभग अब हर विभाग के मंत्रालय के लिए कंसल्टेंट अर्थात सलाहकार नियुक्त किया जा चुका है। ये सलाहकार विभाग की हर गतिविधि पर पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं। मंत्रालय सूत्रों की माने तो लगभग २५० बड़े सलाहकार विभिन विभागों में नियुक्त किए गए हैं। इनके लिए सरकार भारी भरकम वेतन भी दे रही है। सूत्रों के अनुसार, कई सलाहकारों को दो लाख रुपए से अधिक वेतन दिया जा रहा है। कई को तो सीएम देवेंद्र फडणवीस के आदेश पर नियुक्त किया गया है, क्योंकि सामान्य प्रशासन विभाग उनके पास ही है और सलाहकार नियुक्ति की प्रक्रिया उनकी नजरों से होकर गुजरती है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब २५० सलाहकार काम कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो यही सलाहकार अब सरकार चला रहे हैं। इनके आगे विभाग के मंत्रियों की बिल्कुल नहीं चलती है।
सलाहकार सीएमओ से मिलकर जो सुझाव देते हैं, वही लगभग अंतिम पैâसला होता है। उसी पर मंत्री को चुपचाप हस्ताक्षर करना पड़ता है। इतना ही नहीं, ये सलाहकार मंत्रालय में होने वाली हर हलचल पर नजर भी रखते हैं।
काम पर कोई सवाल नहीं
इस बारे में शिवसेना नेता व विधान परिषद के पूर्व नेता विपक्ष अंबादास दानवे ने कहा कि यह भाजपा के लोग और कुछ आरएसएस के लोग गवर्नमेंट पर कंट्रोल करने के लिए बैठाए गए हैं। मंत्री की इच्छा नहीं होती है फिर भी फडणवीस सरकार की ओर से कई जगह नियुक्त किए गए हैं। इन सलाहकारों को भारी वेतन दिया जाता है, लेकिन उनके काम पर कोई सवाल नहीं उठाता है?
आशीष शेलार की गहरी नाराजगी
इस बारे में राज्य के आईटी मंत्री अशीष शेलार ने आवाज उठाई है। शेलार ने अपने विभाग में नियुक्त सलाहकार को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के मंत्रालय में विभिन्न विभागों में नियुक्त किए गए सलाहकार का डेटा सीधे आईटी विभाग को भेजना होगा। उन्होंने कहा कि अब तक इन सलाहकारों की नियुक्ति तो आईटी विभाग के माध्यम से होती थी, लेकिन उनकी आगे की जानकारी, जैसे ‘कौन सी एजेंसी या व्यक्ति काम कर रहा है, कितना मानधन या वेतन दिया जा रहा है।’ यह विवरण महा-आईटी को नहीं भेजा जा रहा है। इससे लूट पर लगाम लगाना मुश्किल हो रहा है। शेलार ने विभाग के महासचिव को नियुक्त सलाहकार के विवरण जुटाने का आदेश दिया है।
