-संजय शिरसाट पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप…नियमों को ताक पर रखकर लिया पैâसला
सुनील ओसवाल / मुंबई
शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। सिडको के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने नई मुंबई में करोड़ों की सरकारी जमीन कथित तौर पर बिवलकर परिवार को सौंप दी, जिसे लेकर अब ५,००० करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया गया है।
इस मामले में जहां राज्य सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, वहीं लोकायुक्त और सर्वोच्च न्यायालय ने इसकी गंभीरता को देखते हुए स्वत: संज्ञान लिया है। खबर है कि लोकायुक्त ने इस मामले में नगरविकास विभाग के सचिव, राजस्व विभाग के सचिव, सिडको के प्रबंध निदेशक और रायगढ़ वन विभाग के उपसंरक्षक से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
क्या है पूरा मामला?
संजय शिरसाट की १६ सितंबर २०२४ को सिडको अध्यक्ष पद पर नियुक्ति हुई और उन्होंने १९ सितंबर को पदभार संभाला। इसके बाद उन्होंने कुल तीन बैठकें कीं, जिनमें पहली ही बैठक में उन्होंने बिवलकर परिवार को ६१,००० वर्ग मीटर (लगभग १६ एकड़) जमीन देने का पैâसला लिया। यह जमीन कथित रूप से बाजार भाव के अनुसार ५,००० करोड़ रुपए की बताई जा रही है।
खबर के अनुसार, बिवलकर परिवार को मराठा साम्राज्य के खिलाफ ब्रिटिशों की मदद करने के इनामस्वरूप यह जमीन अंग्रेजों ने दी थी। आजादी के बाद विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं के तहत यह जमीन सरकार के अधीन आ गई थी। बिवलकर परिवार द्वारा कई बार इसे वापस पाने की कोशिश की गई थी, लेकिन हर बार उन्हें नकारा गया। आश्चर्य की बात यह है कि आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले शिरसाट ने बहुत ही सीमित अवधि में इस निर्णय को मंज़ूरी दी। आरोप है कि यह पूरा पैâसला बेहद जल्दबाजी में नियमों को ताक पर रखकर लिया गया।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस पूरे मामले को राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने उजागर किया है। उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने सरकार को १,२०० पन्नों का दस्तावेजी प्रमाण सौंपा था, लेकिन सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। रोहित पवार ने ट्वीट कर कहा कि सिडको की ५,००० करोड़ की जमीन बिवलकर परिवार के हवाले कर दी गई, यह भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है। लोकायुक्त ने इस पर संज्ञान लिया है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस पर सरकार को फटकार लगाई है, लेकिन फिर भी सरकार सोई हुई है। हम इस पर्दाफाश को अंजाम तक पहुंचाकर स्थानीय भूमिपुत्रों को न्याय दिलाएंगे।
