भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में खेले गए पहले वनडे मैच में एक चौकाने वाली घटना सामने आई। मैच की पहली गेंद पर जब मिचेल स्टार्क ने गेंदबाजी की, तो स्पीड गन ने उसकी रफ्तार १७६.५ किमी/घंटा दिखाई, जो क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज गेंद मानी जा सकती थी। लेकिन बाद में प्रसारकों के ग्राफिक्स ने इस रीडिंग को सही करते हुए बताया कि असल में गेंद की रफ्तार १४०.८ किमी/घंटा थी। इसका मतलब यह हुआ कि स्पीड गन की यह अधिक रफ्तार दिखाना एक तकनीकी गलती थी। इस घटना ने दर्शकों और क्रिकेट प्रेमियों को थोड़ी देर के लिए चौंका दिया, लेकिन जल्द ही वास्तविक गति सामने आने के बाद सब कुछ स्पष्ट हो गया।
