– उप मुख्यमंत्री शिंदे के गढ़ में करोड़ों का सौदा
– दिल्ली से भिवंडी आए आरोपी, पुलिस परेशान
सामना संवाददाता / मुंबई
नीट पेपर लीक के बाद महाराष्ट्र में सनसनी पैâलाने वाले टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) का पेपर लीक लीक हो गया है। आज २८ जून को होने वाली टीईटी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण यह परीक्षा रद्द कर दी गई है। इस मामले में ठाणे जिले के भिवंडी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसी के साथ एक बार फिर यह सरकार पेपर लीक मामले में घिर गई है। यह सरकार पूरी तरह फेल साबित हुई है।
पुलिस ने तीन आरोपियों को हवाई अड्डा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया है कि टीईटी का प्रश्नपत्र बेचने के लिए आरोपी दिल्ली से भिवंडी आए थे। प्रश्नपत्र के सौदे के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की मांग की गई थी। पुलिस की सतर्कता के कारण यह पेपर लीक समय रहते उजागर हो गया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से प्रश्नपत्र के चार सेट, मोबाइल फोन और डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। अपर पुलिस आयुक्त अशोक दुधे ने प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में दो बिहार के और एक हरियाणा का रहने वाला है।
आरोपियों के नाम राजीव शाह (४५ वर्ष, बिहार), आकाश कुमार (३० वर्ष, बिहार) और धीरज कुमार (२८ वर्ष, हरियाणा) बताए गए हैं। हालांकि, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है
जाल बिछाकर पकड़ा
पुलिस को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी प्रश्नपत्र किसे बेचने आए थे, किसे इसे खरीदना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, जो लोग यह प्रश्नपत्र खरीदने वाले थे, वे इसे आगे अन्य अभ्यर्थियों को अलग-अलग रकम लेकर बेचने की तैयारी में थे। बरामद प्रश्नपत्रों को सत्यापन के लिए शिक्षा विभाग को भेजा गया, जहां जांच में पुष्टि हुई कि ये प्रश्नपत्र उसी टीईटी परीक्षा के हैं, जो २८ जून को आयोजित होने वाली थी।
सत्ताधारी को भी नहीं भाया पेपर लीक
-सत्यजीत तांबे ने व्यक्त की चिंता
– कहा, ४.२८ लाख अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में
इसी साल टीईटी परीक्षा में ४ लाख २८ हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल होने वाले थे, लेकिन पेपर लीक के बाद परीक्षा स्थगित होने से लाखों विद्यार्थियों और शिक्षकों में भारी नाराजगी और चिंता का माहौल है। इस पर सत्ताधारी विधायक सत्यजीत तांबे ने राज्य की परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि कभी एमपीएससी, कभी नीट और अब टीईटी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो रहा है। विभागीय भ्रष्टाचार ही इन घटनाओं का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि नीट, सीबीएसई मूल्यांकन में गड़बड़ी, यूजीसी-नेट और विभिन्न प्रवेश एवं भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण हर बार लाखों छात्रों का समय, धन और मेहनत व्यर्थ हो जाती है। इससे विद्यार्थियों में निराशा और मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है। सत्यजीत तांबे ने कहा कि टीईटी का मामला अन्य परीक्षाओं से अलग है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए भी टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।
ऐसे में २० से ३० वर्ष की सेवा पूरी कर चुके और सेवानिवृत्ति के निकट पहुंचे शिक्षकों को भी अपनी नौकरी सुरक्षित रखने के लिए यह परीक्षा पास करना आवश्यक है।
