द्रुप्ति झा / मुंबई
अयोध्या के श्री राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर पूरे देश के साथ-साथ मुंबईकरों में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। क्योंकि राम मंदिर निर्माण के लिए आम जनता और व्यापारियों ने बढ़-चढ़कर दान दिया था, इसलिए इस मामले पर सरकार के प्रति लोगों का गुस्सा अब फूट पड़ा है। मुंबई के आम नागरिकों, जिन्होंने अपनी कमाई से मंदिर के लिए चंदा दिया था, उनका मानना है कि यह केवल पैसों की चोरी नहीं बल्कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था पर गहरी चोट है। लोगों का कहना है कि भगवान के घर में इस तरह की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। सीसीटीवी फुटेज का गायब होना या सही प्रबंधन न होना सीधे तौर पर ट्रस्ट के प्रशासन की लापरवाही को दिखाता है।
मुंबईकरों का सरकार के प्रति फूटा गुस्सा
बॉम्बे हाई कोर्ट के एडवोकेट आशीष राय का कहना है कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी न सिर्फ राम भक्त का अपमान है बल्कि एक लचर व्यवस्था को दर्शाता है, इस प्रकरण में CBI, EOW, ED जैसी नामी जांच एजेंसी के द्वारा जांच करवाए जाने की आवश्यकता है, इस प्रकरण में छोटी मछलियों पर कार्रवाई कर केस को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।
-एडवोकेट आशीष राय
प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले रामनिवास झा का कहना है कि जिस राम मंदिर से कारसेवकों का त्याग और अनगिनत भक्तों का अटूट विश्वास जुड़ा है, वहां से आने वाली धोखाधड़ी या गबन की खबरें हर रामभक्त के दिल को झकझोर देने वाली हैं। इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में या सीबीआई से कराई जानी चाहिए। -रामनिवास झा
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता चरण सिंह सपरा ने राज्य और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मंदिरों में ११० से ज्यादा सीसीटीवी वैâमरे लगे हुए हैं उसके बाद भी मंदिर में चोरी को अंजाम दिया गया। क्योंकि इस दिखावा के पीछे चोरी के लिए जिम्मेदार बड़ी मछलियों को बचाना है। मंदिर में चोरी का मामला कई बार उठाया गया, जिस पर अयोध्या पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। साफ तौर पर सरकार की नाक के नीचे राम के नाम पर डवैâती की गई है। -चरण सिंह सपरा
समाज सेवक अजय कौल का कहना है कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की खबर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर गंभीर आघात है। मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कठोर से कठोर दंड मिले। कुल मिलाकर, मुंबईकरों का स्पष्ट मानना है कि जांच बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष होनी चाहिए। चाहे कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो, अगर उसने भगवान राम के चंदे की चोरी की है, तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी ही चाहिए ताकि जनता का विश्वास बहाल हो सके। -अजय कौल
