सामना संवाददाता / मुंबई
मोदीबाबा ने लोगों से सोना न खरीदने की अपील की है, लेकिन लोगों को सोना खरीदने के लायक छोड़ा ही नहीं है। दूसरी तरफ विधायकों और सांसदों की खरीद-फरोख्त का बाजार लगाया जा रहा है। यही नया फंडा मोदीबाबा ने अपनाया है। ऐसा जोरदार हमला शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र की मोदी सरकार, भाजपा और गद्दार गैंग पर बोला।
उन्होंने कहा कि मैंने ही इन लोगों को आगे बढ़ाया था। सिर्फ मेरे कहने पर आपने इन गद्दारों को चुना। शिवसैनिकों ने इन्हें जिताने के लिए अपना खून-पसीना एक कर दिया। इसके लिए मैं आप सभी से माफी मांगता हूं। मतदान करते समय आपने अपनी उंगली पर काली स्याही लगाई थी, लेकिन इन्होंने गद्दारी करके आपके विश्वास पर कालिख पोत दी। इस विश्वासघात का आक्रोश अपने मन में जीवित रखिए। अगले तीन वर्षों तक एक ही अभियान होना चाहिए। जहां भी ये दिखाई दें, उनसे पूछिए… बताओ, गद्दारी क्यों की?
राम मंदिर चढ़ावा लूटने वालों को रोकना होगा,हमें भाजपा-मुक्त राम चाहिए
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने जनता से कहा कि मोदी लहर के दौरान भी नौ सांसद चुनकर भेजे। उस समय महाराष्ट्र ने भाजपा को रोकने का काम किया था। आज भी हमें राम मंदिर को लूटने वालों को रोकना है। हमें भाजपा-मुक्त राम चाहिए और यह जिम्मेदारी हमारी है
उन्होंने कहा कि गद्दारों के खिलाफ महाराष्ट्र में भारी नाराजगी का माहौल है। अपने तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन उन्होंने वाशिम-यवतमाल और हिंगोली लोकसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित किया। इन सभाओं में उद्धव ठाकरे ने केंद्र की मोदी सरकार सहित राज्य के गद्दार गैंग की जमकर खबर ली। इन गद्दारों ने न जाने कितनी कसमें खाकर कहा था कि वे कभी गद्दारी नहीं करेंगे, लेकिन आखिरकार गद्दार, गद्दार ही साबित हुए और गद्दारों के गैंग में ही जा मिले। गलती आपकी नहीं, मेरी है। केवल मेरे कहने पर आपने इन्हें चुना। शिवसैनिकों ने खून-पसीना एक करके चुनाव में काम किया, लेकिन इन लोगों ने जनता के साथ विश्वासघात और गद्दारी की।
गद्दारों से पूछिए बताओ, गद्दारी क्यों की?
इस विश्वासघात के प्रति अपना गुस्सा जिंदा रखिए। अगले तीन वर्षों तक जब भी कोई गद्दार दिखाई दे, उससे पूछिए बताओ, गद्दारी क्यों की? उनसे जवाब मांगने का आपको पूरा अधिकार है। जवाब केवल इन गद्दारों से ही नहीं, बल्कि भाजपा से भी मांगा जाना चाहिए। इन सभाओं में उद्धव ठाकरे के साथ शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे, सांसद संजय राऊत, अनिल देसाई, अरविंद सावंत, विनायक राऊत व विधायक नितिन देशमुख सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
राम मंदिर को लूटने वाले ये ‘नए बाबर’
उद्धव ठाकरे ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर की दानपेटी के पैसों में अनियमितताएं हो रही हैं और चांदी की र्इंटों के गायब होने की बातें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि शिवसेना ने भी मंदिर निर्माण के लिए योगदान दिया था, लेकिन उस दान का क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। चांदी की जो र्इंटें दी गई थीं, वे कहां गर्इं, यह भी स्पष्ट नहीं है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने पूरे महाराष्ट्र का दौरा किया था। उस समय ‘मंदिर वहीं बनाएंगे’ का नारा पूरे देश में गूंज रहा था। लेकिन मंदिर बनने के बाद ‘नए बाबर’ आ गए हैं, जिन्होंने दानपेटी पर ही डाका डाल दिया। उनके अनुसार यह हिंदुत्व और हिंदू समाज का अपमान है। यह केवल शिवसेना के साथ गद्दारी नहीं है, बल्कि हिंदुत्व और हिंदू समाज के साथ भी विश्वासघात है।
नालायक, झूठे हैं
हिंगोली में पहले भी गद्दारी हुई थी। उस पार्सल को वाशिम की जनता ने वापस भेज दिया। विधायक के भी गद्दारी के मामले पर हिंगोली की जनसभा में बोलते हुए शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने गद्दार सांसद नागेश पाटील आष्टीकर पर जमकर निशाना साधा। उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह कितना नालायक और झूठा व्यक्ति है। गद्दार गैंग में जाने से पहले झूठ बोला। जब एक पदाधिकारी ने बताया कि वह खुद ही गायब है। उन्होंने कहा कि मैंने ही इस गद्दार को बड़ा किया, यह मेरी गलती थी। इस दौरान उन्होंने हिंगोली की जनता से माफी भी मांगी। उद्धव ठाकरे ने कहा कि ये गद्दार नहीं, बल्कि शेर की खाल ओढ़े हुए लोमड़ी, भेड़िए और गधे हैं। लेकिन परभणी और हिंगोली का इतिहास रहा है कि जिसने भी गद्दारी की, उसका राजनीतिक अंत हो गया। हमें वही इतिहास फिर से दोहराना है। उन्होंने कहा कि जो लोग यह कहते हैं कि उन्हें विकास के लिए निधि नहीं मिलती, उन्हें पहले किसानों के विकास पर ध्यान देना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारा हिंदुत्व मानवता और इंसानियत से जुड़ा हुआ है, जबकि विरोधियों का हिंदुत्व मंदिरों को लूटने वाला है। ये लोग राम मंदिर में चोरी से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह मौन हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस विषय पर संजय राऊत ने एक विस्तृत संपादकीय लिखा है कि अब देश को ‘भाजपा-मुक्त राम’ चाहिए और इस उद्देश्य के लिए शिवसेना जल्द ही आंदोलन शुरू करेगी।
तो भाजपा की सदस्यता नागरिकता का प्रमाण माना जाएगा?
उद्धव ठाकरे ने कहा कि अब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। यदि राशन कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाएगा, तो क्या अब भाजपा की सदस्यता को ही नागरिकता का प्रमाण माना जाएगा? उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा की कार्यशैली और व्यवहार को देखकर चिंता होती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि यही रवैया जारी रहा, तो यह भारतीय जनता पार्टी की जगह ‘पाकिस्तान जनता पार्टी’ की तरह हो जाएगी।
ऑपरेशन टाइगर नहीं, ऑपरेशन देवेंद्र
उद्धव ठाकरे ने सांसदों की टूट को लेकर कहा कि इसे ‘ऑपरेशन टाइगर’ कहा जा रहा है, जबकि यह ‘ऑपरेशन देवेंद्र’ है। उन्होंने कहा कि नागपुर जाते समय विमान में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उनके साथ थे। बाद में लोगों ने पूछा कि क्या बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि ‘उच्चस्तरीय चर्चा’ हुई। उद्धव ठाकरे ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा देवेंद्र फडणवीस के राजनीतिक पंख काटने का काम किया जा रहा है और सांसदों की तोड़-फोड़ उसी का हिस्सा है। उनका दिल्ली जाने का रास्ता रोका जा रहा है। जरूरत पड़ने पर यही सांसद अमित शाह के समर्थन में खड़े होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इन सांसदों को भाजपा में शामिल क्यों नहीं किया गया, बल्कि उन्हें लाचार, मजबूर, गुलाम शिंदे गुट के पास भेजा गया। इसके पीछे भी राजनीतिक कारण हैं।
मां की कसम खाकर भी गद्दारी की
भाषण के दौरान उद्धव ठाकरे ने एक सांसद के पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मां की शपथ लेकर शिवसेना के प्रति निष्ठा जताई थी। उसने यह भी कहा था कि उनकी ८३ वर्षीय मां ने भी उन्हें शिवसेना के साथ खड़े रहने की सलाह दी थी। मां की कसम खाकर भी गद्दारी की गई। आखिर उस मां को वैâसा लगता होगा? गलती हम सभी से हुई, लेकिन सबसे बड़ी गलती मेरी थी।
हमारा परिवारवाद, और तुम्हारा ?
उन्होंने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री बना और आदित्य मंत्री बने, तब तुरंत परिवारवाद का आरोप लगाया गया। यहां शिंदे का बेटा दिल्ली में बैठकर तोड़-फोड़ की राजनीति कर रहा है, किसके लिए मंत्री पद के लिए। यह परिवारवाद नहीं है क्या? उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक हुआ, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का राजीनामा लेने की हिम्मत नहीं हुई। कल ठाणे में टीईटी पेपर लीक हो गया। सभी पेपर फोड़ने वालों के साथ इनके पारिवारिक संबंध हैं। पेपर लीक की तरफ ध्यान न जाए इसलिए तोड़-फोड़ की राजनीति शुरू है।
चुनाव जीतो, कीमत बढ़ाओ और फिर स्वाभिमान बेच दो
उद्धव ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा, ‘यदि उस समय एक विधायक की कीमत ५० करोड़ थी, तो अब एक सांसद की कीमत कितनी होगी? यह अब एक कारोबार बन चुका है। चुनाव जीतो, अपनी कीमत बढ़ाओ और फिर अपना स्वाभिमान तथा विचारधारा बेच दो।’ उन्होंने कहा कि विधायकों की गद्दारी के बाद जनता ने नौ सांसदों को चुनकर भेजा और वे सभी मशाल चुनाव चिन्ह पर जीतकर आए। उन्होंने सवाल किया कि यदि सब कुछ ठीक था तो इन सांसदों को तोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी?
पुराने पत्ते झड़ गए, अब नई कोंपलें फूट रही हैं
उद्धव ठाकरे ने कहा कि अपने काम छोड़कर यहां आने का समय निकाला, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं। उन्होंने कहा कि मेरे सामने बैठे ये समर्पित शिवसैनिक निष्ठा की जमीन में उगी स्वाभिमान की नई कोेंपलें हैं। सड़े पुराने पत्ते झड़ चुके हैं और अब मेरे साथ शिवसेनाप्रमुख के विचारों से प्रेरित, समर्पित और निष्ठावान शिवसैनिक खड़े हैं। उद्धव ठाकरे के संबोधन के दौरान ‘हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे अमर रहें’ के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
