-अनियंत्रित पार्किंग के कारण भारी ट्रैफिक जाम, नागरिक परेशान
सुरेश गोलानी / मुंबई
दुनिया का ‘आठवां अजूबा’ और ‘मौत का जाल’ के नाम से मशहूर मीरा-भायंदर इलाके में स्थित ‘बैट’ के आकार वाले फ्लाईओवर पुल को हाल ही में आवाजाही के लिए खोल दिया गया था। गौरतलब है कि एक तरफ फ्लाईओवर के अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाले बैट नुमा डिजाइन के कारण ऊपर दौड़ने वाले वाहन चालकों पर दुर्घटनाओं का खतरा मंडराता है, तो दूसरी तरफ इसके भायंदर-पूर्व स्थित गोल्डन नेस्ट सर्कल के पास वाले लैंडिंग पॉइंट को जोड़ने वाली सड़क पर अनियंत्रित पार्विंâग के कारण लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। फ्लाईओवर के लैंडिंग्स पॉइंट में मुड़ने हेतु यू-टर्न और इंडिकेटर का अभाव है, इसके कारण लैंडिंग पॉईंट बेहद खतरनाक बन चुका है। सड़क के दोनों तरफ टेंपो और ट्रक जैसे हैवी वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग के अलावा विपरीत दिशा में वाहनों की आवाजाही के चलते कई स्थानों में बॉटलनेक बन रहे हैं, जिसके कारण भारी ट्रैफिक जाम लग जाता है। ट्रैफिक व्यवस्था को कंट्रोल करने के लिए पुलिस बल तैनात न होने के कारण समस्या और ज्यादा विकराल हो जाता है। मेट्रो-९ रेल कॉरिडोर परियोजना के तहत निर्मित यह चार लेन का पुल अचानक उतरते समय दो लेन में सिमट जाता है जिसके कारण वाहन चालक कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का शिकार बन सकते हैं और नीचे लगने वाला जाम परेशानी का बड़ा सबब बन चुका है।
बैट फ्लाईओवर बना ट्रैफिक और हादसों का हॉटस्पॉट
मीरा-भायंदर का चर्चित ‘बैट’ आकार का फ्लाईओवर खुलते ही विवादों में घिर गया है। गोल्डन नेस्ट लैंडिंग पॉइंट पर यू-टर्न, संकेतक और ट्रैफिक नियंत्रण के अभाव, अवैध पार्किंग तथा चार लेन से दो लेन में अचानक सिमटती सड़क के कारण जाम और गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
