सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई मराठी पत्रकार संघ की वर्ष 2026-2028 की द्विवार्षिक चुनाव प्रक्रिया में एक बार फिर परिवर्तन पैनल ने अपनी ताकत साबित करते हुए इतिहास रच दिया। अध्यक्ष संदीप चव्हाण के नेतृत्व में परिवर्तन पैनल ने लगातार दूसरी बार संघ की सभी 15 सीटों पर विजय हासिल कर संगठन पर अपना निर्विवाद वर्चस्व कायम रखा। अध्यक्ष पद के चुनाव में संदीप चव्हाण ने 366 मत हासिल कर पत्रकार संघ के इतिहास में सर्वाधिक मतों का नया रिकॉर्ड बनाया। उनके प्रतिद्वंद्वी निर्भीड पैनल के विष्णु सोनवणे को 108 मत मिले। उपाध्यक्ष पद पर स्वाती संजय घोसाळकर (324 मत) और राजेंद्र हुंजे (289 मत) विजयी रहे। इस पद के लिए संतोष गायकवाड, रविंद्र भोजने और नितीन सोनवणे को हार का सामना करना पड़ा।
कार्यवाह पद पर शैलेश शिर्के ने 270 मतों के साथ जीत दर्ज की। कोषाध्यक्ष पद पर जगदीश भोवड ने 335 मत लेकर विजय प्राप्त की, जबकि विश्वस्त पद पर प्रकाश कुलकर्णी विजयी हुए। कार्यकारिणी की नौ सीटों पर भी परिवर्तन पैनल ने बाजी मारते हुए गजानन सावंत, विनोद सालवी, आत्माराम नाटेकर, दिवाकर शेजवलकर, रजनीश राणे, अंशुमन पोयरेकर, सारंग दर्शने, राजेश खाडे और किरीट गोरे को विजयी बनाया। इस चुनाव परिणाम ने यह संदेश दिया है कि मुंबई मराठी पत्रकार संघ के सदस्यों ने केवल नारों पर नहीं बल्कि काम के आधार पर अपना फैसला सुनाया है।
संदीप चव्हाण ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोणावळा विश्रामधाम नूतनीकरण सहित किए गए विकास कार्यों पर मतदाताओं ने जो विश्वास जताया है, वही इस विजय की असली ताकत है।
पत्रकार संघ की कुर्सी कोई सत्ता का सिंहासन नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का मंच है। इस चुनाव में सदस्यों ने स्पष्ट कर दिया कि उन्हें वादों की आतिशबाजी नहीं, बल्कि काम की रोशनी चाहिए। परिवर्तन पैनल की यह जीत सिर्फ आंकड़ों की जीत नहीं, बल्कि विश्वास की मुहर है।
चुनाव अधिकारी के रूप में श्रीकांत नाईक ने पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से पूरी की। विजय तारी और सहयोगियों ने उन्हें महत्वपूर्ण सहयोग दिया।मुंबई मराठी पत्रकार संघ के इतिहास में यह चुनाव एक और यादगार अध्याय बन गया है।
