मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन : कब्र में किडनैप ब्यूटी क्वीन की लाश

आउट ऑफ पवेलियन : कब्र में किडनैप ब्यूटी क्वीन की लाश

अमिताभ श्रीवास्तव

अभी भविष्य की योजनाओं में वह व्यस्त थी। मिस अमेरिका बनने के लिए वह तैयारियों में लगीं थी। उसे पूरी उम्मीद थी कि वह एक दिन सौंदर्य स्पर्धा में देश का नाम रोशन करेगी मगर उसे यह नहीं पता था कि उसके साथ एक भयावह घटना घटने वाली है जिसमें उसकी जान भी चली जाएगी। जी हां, अचानक गायब हुई २३ वर्षीय अमेरिकन ब्यूटी क्वीन की जब तलाश की जा रही थी तो जांच एजेंसियो को वह तो नहीं मिली मगर उसके मानव अवशेष मिले। मिस यूएसए की दावेदार काडा स्कॉट का कथित तौर पर २१ वर्षीय कीऑन किंग ने ४ अक्टूबर को रात की पाली में काम करने के बाद अपहरण कर लिया था। किंग पर आरोप है कि उसने उसे फिलाडेल्फिया, पेंसिल्वेनिया के चेस्टनट हिल नर्सिंग होम के द टेरेस से उठाया था और जब उसका फोन बंद हो गया था, तब वह उसके साथ था। पुलिस द्वारा अपहरण के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बाद में पता चला कि ब्यूटी क्वीन की हत्या भी कर दी गई है। क्योंकि फिलाडेल्फिया पुलिस ने एक पुरानी और बेकार पड़ी इमारत के पीछे एक बनाई गई कब्र से मानव अवशेष बरामद किए हैं, जिनके बारे में माना जा रहा है कि वे स्कॉट के ही हैं। पुलिस ने ईस्ट जर्मनटाउन इलाके में बंद पड़े एडा एच. लुईस मिडिल स्कूल के परिसर में यह खोज की। अधिकारियों ने कहा कि यह जानकारी स्कॉट की गुमनाम सूचना के बाद मिली थी। फिलहाल जांच जारी है।

दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट फैन की मौत का रहस्य
पिछले दिनों रेड डेविल्स के एक सुपरपैâन की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। वह दुनिया का सबसे बड़ा पैâन माना जाता था क्योंकि उसकी फुटबॉल के प्रति और अपनी टीम के प्रति ऐसी दीवानगी थी कि उसके लिए उसने अपना घरबार सब छोड़ दिया था। यहां तक कि उसने अपना नाम बदलकर मैनचेस्टर यूनाइटेड रख लिया था। अचानक उसकी मौत ने दुनिया के खेल प्रशंसको के साथ-साथ उसकी टीम को भी निराश किया था। अब बताया जा रहा है कि अपनी प्रिय टीम के खराब प्रदर्शन के बाद टूटे दिल के कारण उसकी मौत हो गई। दुनिया को यह उसकी भाभी ने बताया। दीवानगी की ऐसी हद थी कि ६२ वर्षीय मारिन लेविदज ने अपने माथे पर टीम क्लब का प्रतीक चिह्न गुदवा रखा था। उसकी ६३ वर्षीय भाभी एल्का वैâनकोवा ने पिछले हफ्ते दिल का दौरा पड़ने से हुई उनकी मृत्यु के लिए २० बार खिताब जीतने वाले इस क्लब के पिछले कुछ वर्षों में गिरते प्रदर्शन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा ‘उनके लिए, मैनचेस्टर यूनाइटेड ही उनका पूरा जीवन था।’ वह बहुत भावुक थे, और हार के बाद वह बहुत निराश हो जाते थे। जिस दौर से यूनाइटेड का पतन शुरू हुआ, उसी दौर से वह खुद भी टूट गए। हो सकता है कि इसी वजह से उनकी मौत हुई हो।’ १९९९ में चैंपियंस लीग में यूनाइटेड की जीत के बाद बुल्गारियाई निर्माण मजदूर मारिन को अपना नाम बदलने की प्रेरणा मिली। लेकिन इसके लिए १५ साल की कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी।

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