दीपावली

दीप जले हर द्वार पे आओ
रात सजी त्यौहार पे आओ।
मन में प्रेम की बात हो जब,
साथ चलो उजियार पे आओ।
रंग-बिरंगी रोशनी देखो,
खुशबू है हर प्यार में देखो।
माटी का दीपक मुसकाए,
प्रभु की लीला सार में देखो।
मिश्री घुले बोलों को बोलो,
रंग भरे होठों को खोलो।
नेह लुटा हर ओर चलो अब,
खुशियां बसी आंखों से बोलो l
आज ख़ुशी की बेला में आओ,
जगमग करते दीप जलाओ l
सर्व धर्म समभाव को लेकर,
दिवाली का पर्व मनाओ ll
-डॉ. कनक लता तिवारी

अन्य समाचार