सामना संवाददाता / मुंबई
आगामी महानगरपालिका चुनावों को देखते हुए अब भाजपा और शिंदे गुट के बीच संघर्ष खुलकर सामने आने लगा है। दोनों दलों के स्थानीय पदाधिकारी अकेले दम पर चुनाव लड़ने का नारा दे रहे हैं। दो दिन पहले भाजपा के ठाणे विभागीय कार्यालय में हुई बैठक के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने स्पष्ट किया था कि महायुति से संबंधित निर्णय वरिष्ठ स्तर पर लिया जाएगा। लेकिन इसके विपरीत, ठाणे के विभिन्न इलाकों में भाजपा की ओर से पोस्टर और बैनर लगाकर एकनाथ शिंदे की नींद उड़ाने का काम किया जा रहा है। ठाणे में शिंदे गुट के कार्यालय के सामने ही भाजपा ने पोस्टर लगाया है, जिसमें लिखा है, ‘ठाणे में विकास चप्पे- चप्पे पर, सब जगह दिखेगी सिर्फ और सिर्फ भाजपा।’ इस पोस्टर को लेकर जमकर चर्चा हो रही है।
ठाणे के वैâडबरी सिग्नल परिसर में भाजपा नेता द्वारा लगाए गए एक बैनर की पूरे शहर में चर्चा हो रही है। उस बैनर पर लिखा था, ठाणे का विकास, चप्पा चप्पा, सभी तरफ दिखे सिर्फ सिर्फ भाजपा, भाजपा, भाजपा। इस स्लोगन को भाजपा द्वारा शिंदे गुट पर सीधा हमला माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा है कि भाजपा ने बैनरों के जरिए शिंदे गुट को खुली चुनौती दी है।
बता दें कि महायुति के दल अपने-अपने स्थानीय नेताओं और पदाधिकारियों से चुनावी समीकरणों का रिपोर्ट ले रहे हैं। इसी प्रक्रिया के दौरान यह साफ हुआ है कि महायुति के सहयोगी दलों के बीच ही प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ठाणे में भाजपा और शिंदे गुट के बीच यह बढ़ता टकराव सिर्फ बैनरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह महानगरपालिका चुनावों में महायुति की एकता की असली परीक्षा भी साबित होगा।
