– कपड़ों में छिपाकर कर रहा था स्मगलिंग
सामना संवाददाता / मुंबई
दीपावली के ठीक पहले ‘डीआरआई’ ने ‘ऑपरेशन फायर ट्रेल’ के तहत चीनी पटाखों की अवैध तस्करी का पर्दाफाश किया है। जेएनपीटी पर चीन से आए एक कंटेनर से ४.८२ करोड़ रुपए कीमत के पटाखे जब्त किए गए थे। खास बात यह है कि इस अवैध पटाखों की तस्करी का मुख्य आरोपी गुजरात के वेरावल से गिरफ्तार किया गया है ।
बता दें कि डीआरआई अधिकारियों ने खुफिया जानकारी के आधार पर जेएनपीटी से एक ४० फुट के कंटेनर को रोका, जो गुजरात जा रहा था। कंटेनर के मेनिफेस्ट में ‘लेगिंग्स’ (महिलाओं के कपड़े) का उल्लेख था, लेकिन जांच में पता चला कि आगे कपड़ों की परत के पीछे ४६,६४० पटाखे और आतिशबाजी छिपाई गई थी। यह खेप २० मीट्रिक टन वजनी थी। विदेश व्यापार नीति के अनुसार, पटाखों का आयात आईटीसी वर्गीकरण के तहत ‘प्रतिबंधित’ श्रेणी में आता है। इसके लिए विस्फोटक नियम, २००८ के तहत ‘डीजीएफटी’ और ‘पीईएसओ’ से विशेष लाइसेंस जरूरी होता है। बिना लाइसेंस के आयात न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह बंदरगाहों के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। डीआरआई ने अब तक सात कंटेनरों से लगभग १०० टन चीनी पटाखे जब्त किए हैं। ये कंटेनर जेएनपीटी, मुंद्रा बंदरगाह और कांडला एसईजेड से पकड़े गए थे। वहां माल को ‘सजावटी पौधे’, ‘कृत्रिम फूल’ और ‘प्लास्टिक मैट्स’ के नाम पर छिपाया गया था।
