एस. एन. सिंह / मुंबई
स्थानीय निकायों के चुनाव कभी भी घोषित हो सकते हैं। इन चुनावों में भाजपा ने एक रणनीति के तहत शिंदे गुट के पर कतरने की तैयारी कर ली है। भाजपा के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सहमति के बाद ठाणे जिले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण से लेकर मंत्री गणेश नाईक, विधायक संजय केलकर, विधायक किसन कथोरे आदि भाजपा नेताओं ने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित शिंदे गुट के अन्य नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि शिंदे गुट का जो कुछ वजूद है, वह ठाणे जिले में है इसलिए ठाणे जिले में शिंदे का वजूद मिटाने के लिए भाजपा नेता अधिक आक्रामक दिखाई दे रहे हैं, ताकि अपना अस्तित्व बचाने के लिए शिंदे ठाणे तक ही सिमटकर रह जाएं। भाजपा का मानना है कि अगर शिंदे ठाणे जिले में कमजोर हो जाते हैं तो मुंबई सहित राज्य के अन्य भागों में शिंदे का कोई खास अस्तित्व नहीं है इसलिए भविष्य में भाजपा को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं रहेगा। इसके साथ ही, ठाणे जिले में शिंदे के कमजोर होने पर व्यक्तिगत तौर पर शिंदे का राजनीति कद अपने आप ही छोटा हो जाएगा इसलिए भाजपा ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत शिंदे का पर कतरने की शुरूआत कर दी है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, शिंदे का बार-बार दिल्ली में भाजपा के नेताओं से मिलना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पसंद नहीं आ रहा है। कल भी एकनाथ शिंदे ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं से मुलाकात की। इन सब बातों को लेकर मुख्यमंत्री अंदरूनी तौर पर शिंदे से पूरी तरह से नाराज चल रहे हैं। इसी नाराजगी का परिणाम है कि शिंदे के कार्यकाल में शुरू की गई कई योजनाओं को मुख्यमंत्री ने बंद कर दिया। भाजपा सूत्रों का कहना है कि शिंदे के पर कतरने का असली काम स्थानीय निकायों के चुनाव के बाद होगा।
