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उल्हासनगर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया ‘छठ मइया’ का पावन पर्व

अनिल मिश्रा / उल्हासनगर

उत्तर भारत की आस्था और परंपरा का प्रतीक ‘छठ पूजा’ का पर्व उल्हासनगर में इस वर्ष भी धार्मिक उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न हिस्सों में बने प्राकृतिक तालाबों, नदियों के घाटों, खाड़ियों के किनारों और कृत्रिम गणेश घाटों पर हजारों श्रद्धालु एकत्र होकर छठ मइया की पूजा में लीन नजर आए।

27 अक्टूबर की शाम डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रती महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर घाटों पर पहुंचीं। उन्होंने निर्जला व्रत रखकर सूर्य देव को जल अर्पित किया और परिवार की सुख-समृद्धि तथा संतान की दीर्घायु की कामना की। मनपा अधिकारियों और पुलिस प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा और स्वच्छता के पुख्ता इंतज़ाम किए थे।

उल्हासनगर स्टेशन के पास गणेश घाट, हीरा घाट, वोट क्लब और अन्य कृत्रिम तालाबों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। गणेश घाट पर समाजसेवक शिवाजी रगड़े और फिरोज खान की ओर से भव्य व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर सविता तोडने रगड़े, शिवाजी रगड़े, फिरोज खान, गजानंद शेलके, अशोक जाधव, नरेंद्र कारोतिया, सुमन शेलके, अनिल कटिजा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से सूर्यास्त के समय अर्घ्य अर्पित कर छठ मइया से परिवार के कल्याण की प्रार्थना की।

वहीं, हिरा घाट पर सर्वधर्म संभव मित्र मंडल द्वारा विशेष आयोजन किया गया, जिसमें भोजपुरी के लोकप्रिय गायकों ने छठ मइया के गीतों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंडल के अध्यक्ष आर.आर. सिंह, नरेंद्र सिंह और मन्नू सिंह ने आयोजन को सफल बनाने में विशेष भूमिका निभाई।

हालांकि बीच-बीच में मानसून की हल्की बारिश ने श्रद्धालुओं को थोड़ी परेशानी दी, लेकिन उनकी भक्ति और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। 28 अक्टूबर की सुबह व्रती महिलाओं ने सूर्योदय के समय उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने व्रत का समापन किया। आस्था, अनुशासन और समर्पण का यह दृश्य देखकर पूरा उल्हासनगर छठ मइया के रंग में रंगा नजर आया।

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