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‘वोट चोरी’ पर चुनाव आयोग की गंभीरता का पर्दाफाश…मनपा चुनावों में नहीं होगा ‘वीवीपैट’ का इस्तेमाल!

-कहा, ‘स्थानीय निकाय चुनावों में प्रयोग का प्रावधान नहीं’

सामना संवाददाता / मुंबई

वोट चोरी पर चुनाव आयोग गंभीर नहीं है। विपक्ष की मांग है कि आगामी मनपा चुनाव में ईवीएम के साथ वीवीपैट का भी इस्तेमाल किया जाए। मगर लगता है कि चुनाव आयोग वोट चोरी रोकने के मामले में गंभीर नहीं है। ऐसे में आगामी मुंबई मनपा के चुनाव में वीवीपैट का इस्तेमाल नहीं होगा।
इस संबंध में महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने कहा है कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों से संबंधित कानूनों या नियमों में ‘वोटर वेरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल’ (वीवीपैट) मशीनों के उपयोग का कोई प्रावधान नहीं है। बता दें कि विपक्ष ने मांग की है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वीवीपैट मशीनों का उपयोग किया जाए। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा था कि यदि वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल संभव नहीं है तो ग्रामीण और शहरी निकायों के चुनाव मत पत्र के जरिए कराए जाने चाहिए। राज्य में मुंबई मनपा सहित विभिन्न स्थानीय निकायों के चुनाव जनवरी २०२६ तक कराए जाने हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि कुछ अपवादों को छोड़कर, लगभग सभी स्थानीय निकाय चुनाव बहु-सदस्यीय वार्ड प्रणाली के तहत कराए जाते हैं। आयोग ने बताया कि देश के सभी राज्य निर्वाचन आयोगों की भागीदारी वाली तकनीकी मूल्यांकन समिति (टीईसी) वीवीपैट के अनुकूल मतदान मशीन विकसित करने का अध्ययन कर रही है। आयोग के अनुसार, समिति की अंतिम रिपोर्ट अभी प्रस्तुत नहीं की गई है इसलिए स्थानीय निकाय चुनावों में वीवीपैट का उपयोग संभव नहीं है।
२००५ में जुड़ा था ईवीएम का प्रावधान
एसईसी ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के उपयोग का प्रावधान वर्ष २००५ में संबंधित अधिनियमों और नियमों में जोड़ा गया था, लेकिन वीवीपैट के उपयोग से संबंधित कोई कानूनी प्रावधान अब तक नहीं है।

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