सूफी खान
इस बार कहां बिछाई लाशें ?
गाजा के बाद अब इजरायल ने साउथ सीरिया के एक गांव को निशाना बनाया है, गांव में रात के अंधेरे में तलाशी अभियान के दौरान गोलीबारी में कम से कम १३ लोगों की मौत हो गई। सीरिया की न्यूज एजेंसी सना ने इसकी पुष्टि की है, सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इजरायल के इस ऑपरेशन की निंदा की है। सीरियाई प्रशासन ने इसे युद्ध अपराध बताया है और कहा कि इजरायल एक बार फिर पूरे क्षेत्र को अशांत करने और हिंसा की आग भड़काने की कोशिश कर रहा है।
गौरतलब है कि ये वही सीरिया है जिसने पिछले साल राष्ट्रपति बशर अल असद का तख्ता पलटते ही ऐलान किया था कि सीरिया की धरती से इजरायल के खिलाफ एक गोली भी नहीं चलेगी। लेकिन अब वही अबू मोहम्मद जौलानी सरकार इजरायल पर आरोप लगा रही है।
मीडिया रिपोर्ट कहती हैं कि हमले में घायल हुए लोग बता रहे हैं कि हम रात में सोए और सुबह नींद खुली तो भयंकर गोलीबारी चल रही थी। हम बाहर निकले तो देखा कि गांव में इजरायली सेना का अभियान चल रहा है। चारों ओर सैनिक और टैंक तैनात हैं। इसके बाद हवाई बमबारी शुरू हो गई।
इजरायली सेना का दावा है कि गांव से जामा इस्लामिया ग्रुप के खतरनाक आतंकियों को पकड़ा गया है। यह इस्लामिक संगठन भी हमास और हूतियों के साथ मिलकर इजरायल के खिलाफ साजिश रच रहा था। आईडीएफ के मुताबिक, उसके भी ६ सैनिक घायल हुए हैं। आर्मी ने दावा किया कि इस अभियान में कई आतंकी मारे गए हैं। आईडीएफ के एक्स एकाउंट से किए गए पोस्ट में कहा गया-
‘बीती रात, हाल के हफ्तों में जुटाई गई खुफिया जानकारी के आधार पर, आईडीएफ के सैनिकों ने दक्षिणी सीरिया के बीट जिन क्षेत्र में सक्रिय ‘जामा इस्लामिया’ आतंकवादी संगठन के संदिग्धों को पकड़ने के लिए एक ऑपरेशन चलाया। ऑपरेशन के दौरान, कई आतंकवादियों ने सैनिकों पर गोलीबारी शुरू कर दी, आईडीएफ के जवानों ने हवाई सहायता के समर्थन से जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलीबारी की, इस घटना में कई सैनिक घायल हुए हैं जिनका इलाज जारी है, यह ऑपरेशन सभी संदिग्धों की गिरफ्तारी और कई आतंकवादियों को मार गिराने के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।’
गौरतलब है कि बशर अल असद की सरकार गिरने और फिर नई हयात तहरीर अल शाम की इस्लामिक सरकार बनने के बाद सैकड़ों बार इजरायल सीरिया पर हमले कर चुका है। इजरायल ने बफर जोन में भी अपने सैनिक तैनात कर दिए हैं। इजरायल ने सीरिया के गोलन हाइट्स पर भी कब्जा कर लिया।
सीरिया के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह हमला ‘एक भयानक नरसंहार’ था और मारे गए लोगों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसके सैनिकों ने गोलीबारी पर जवाबी कार्रवाई की और इस दौरान हवाई हमले की मदद ली गई। उसने बताया कि अभियान समाप्त हो गया है, सभी संदिग्धों को पकड़ लिया गया है और कई उग्रवादी मारे गए हैं। दोनों देश के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। हालांकि, तनाव कम करने के लिए एक संभावित सुरक्षा समझौते पर दोनों पक्ष बातचीत कर रहे हैं। सीरियाई अधिकारियों ने इजरायली घुसपैठ की निंदा करते हुए इसे सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। सीरियाई सरकार ने इंटरनेशनल कम्युनिटी से इजरायली घुसपैठ को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई करने की अपील की।
