मुख्यपृष्ठस्तंभतहकीकात : मैसेज ने खोला ३ ब्लाइंड मर्डर का राज

तहकीकात : मैसेज ने खोला ३ ब्लाइंड मर्डर का राज

फिरोज खान

गुजरात के भावनगर में हुए ट्रिपल मर्डर ने सभी को चौंकाकर रख दिया। पत्नी और २ बच्चों की हत्या करने वाले शख्स ने तीनों हत्याएं की और बाद में उसे ऐसा रंग देने की कोशिश की कि वे अपनी मर्जी से घर छोड़कर कहीं चले गए हैं। कहानी तो उसने पूरी फिल्म जैसी रची थी, लेकिन वो भूल गया था कि कानून के हाथ लंबे होते हैं। सुरेश ने नजदीक के पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई। उसके मुताबिक उसकी पत्नी नयना, बेटी और बेटा घर से लापता हैं। ये तीनों दिवाली की छुट्टियों में सूरत से भावनगर आए थे। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर लापता लोगों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने अफेयर के एंगल से भी जांच शुरू की। कॉल रिकॉर्ड खंगाले गए, लेकिन ऐसा कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। सुरेश ने पुलिस को यह भी बताया था कि पास के गार्ड ने उन्हें ऑटो में जाते देखा था। लेकिन जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने कहा कि वह भरोसे से नहीं कह सकता कि वो तीनों वही थे। बाकी पड़ोसी भी महिला और बच्चों को ठीक से नहीं जानते थे क्योंकि वह वहां नहीं रहती थी और कभी-कभी ही आया करती थी। पुलिस सुराग ढूंढने में लगी हुई थी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं मिल रहा था, जिससे यह तय हो सके कि वो अपनी मर्जी से कहीं गई है। एक दिन अचानक लापता पत्नी के फोन में पति के मोबाइल पर एक व्हॉट्सऐप पर मैसेज मिला, जो डिलिवर नहीं हुआ था। इस मैसेज में लिखा था कि वह अपनी मर्जी से घर छोड़कर जा रही है। कोई उसे ढूंढने की कोशिश न करे वरना वह अपनी जान दे देगी। सुरेश ने तह मैसेज पुलिस को दिखाया, ताकि यह यकीन हो सके की पत्नी बच्चों सहित घर छोड़कर चली गई है, लेकिन इसी मैसेज ने ट्रिपल मर्डर की गुत्थी सुलझा दी। असल में हत्या के बाद भेजा गया यह मैसेज अनसेंट ही था। जांच में पता चला यह मैसेज सुरेश ने ही खुद लिखा। लेकिन उसका ध्यान इस बात पर नहीं गया कि मोबाइल फ्लाइट मोड पर था और इंटरनेट ऑन नहीं था। इसलिए यह मैसेज डिलिवर नहीं हुआ। इसके अलावा पत्नी आमतौर पर गुजराती भाषा में मैसेज किया करती थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं था। पुलिस को एक और अहम सुराग मिला। इन तीनों के लापता होने की रिपोर्ट लिखाने से कुछ समय पहले ही सुरेश ने घर के आंगन में साढ़े ६ फुट के दो गड्ढे खुदवाए थे और बाद में उन्हें बंद कर दिया गया। उसने वन विभाग से २ जेसीबी बुलवाई और पानी और कूड़े के लिए ये गड्ढे खुदवाए। इस कॉलोनी में यह कोई अजीब बात नहीं थी क्योंकि यहां अक्सर पानी भरता रहता था। लेकिन इसकी टाइमिंग गलत थी। पत्नी और बच्चे लापता होने के एक दिन पहले गड्ढा खुदवाया गया था। इस बात से पुलिस के खान खड़े हो गए। आसपास के लोगों से यह भी पता चला कि सुरेश किसी को भी गड्ढे के पास जाने नहीं देता था यह कि कहकर कि यहां सांप निकलते हैं। पुलिस का शक लगातार सुरेश पर गहराता गया और उसे हिरासत में ले लिया। शुरू में सुरेश टालमटोल करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया तो सारी सच्चाई सामने आ गई। सुरेश ने पुलिस को बताया कि उसने पहले पत्नी की गला दबाकर हत्या की और बाद में बेटा और बेटी को तकिये से मुंह दबाकर मार डाला। तीनों को मौत के घाट उतारने के बाद लाशों के साथ पत्थर बांधे और गड्ढे में डाल दिया और पानी भर दिया। इसके अलावा उपर से झाड़ियां और कूड़ा-करकट डाल दिया, ताकि लाश तक कोई पंहुंच न सके। पुलिस के जेहन में एक सवाल घूम रहा था कि उसने अपनी पत्नी और बच्चों की इतनी बेरहमी से हत्या क्यों की? सुरेश ने जो वजह बताई, उसे सुनकर पुलिस दंग रह गई। सुरेश ने बताया कि वह पत्नी और बच्चों के साथ रहना नहीं चाहता था, लेकिन पत्नी उसी के साथ रहने की जिद कर रही थी, इसलिए उसे हमेशा के लिए अपने से दूर कर दिया।

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