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हिंदू मंदिरों व मठों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करो … जम्मू-कश्मीर शिवसेना ने की मांग

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) जम्मू-कश्मीर इकाईप्रमुख मनीष साहनी ने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेज समेत तमाम शिक्षा संस्थानों को‌ हिंदू विश्वविद्यालय घोषित करने व हिंदुओं के लिए ८० प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग की है। इसके साथ ही धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेज में प्रवेश को लेकर बने विवाद (कुल ५० सीटों में से ४२ सीटें मुस्लिम समुदाय के छात्रों को) पर तत्काल उचित समाधान की अपील‌ की है।
पार्टी प्रदेश मध्यवर्ती कार्यालय में पत्रकारों से विशेष बातचीत पर मनीष साहनी ने कहा कि माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेज में अन्य समुदाय को अधिकांश सीटों पर प्रवेश देने पर विरोध प्रदर्शन स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि सरकार की खामोशी इस विरोध की चिंगारी को आंदोलन का रूप दे रही है। सरकार को हमारी धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए तत्काल समाधान निकाला जाना चाहिए। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा संचालित शिक्षा संस्थानों को हिंदू शिक्षा संस्थानों का दर्जा व विशेष कोटा तय किया जाए।
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक का दर्जा मिलना समाधान नहीं है। जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यक आयोग नहीं है, वही हिंदुओं के अल्पसंख्यक होने के बावजूद दर्जा घोषित नहीं है। ऐसे में अल्पसंख्यक को मिलने वाली तमाम सुविधाएं बहुसंख्यक भोग रहे हैं। श्री माता वैष्णो देवी द्वारा संचालित विश्वविद्यालय को सीधे तौर पर हिंदूू विश्वविद्यालय का दर्जा व हिंदुओं के लिए ८० प्रतिशत का आरक्षण दिया जाए।

आंदोलन का आह्वान
मनीष साहनी ने श्री माता वैष्णो देवी समेत देश के तमाम हिंदू मठों व मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति की मांग की है। पार्टी प्रदेश मध्यवर्ती कार्यालय में पत्रकारों से विशेष बातचीत पर इकाईप्रमुख मनीष साहनी ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, भारतीय संविधान के अनुसार, राज्य का कोई राष्ट्रीय धर्म नहीं है और सभी धर्मों को समान माना जाता है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का ऐतिहासिक श्री माता वैष्णो देवी मंदिर का सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई समेत देशभर में लगभग ४ लाख हिंदू मंदिर विभिन्न सरकारों के नियंत्रण में हैं। साहनी ने कहा हिंदू मंदिरों के दान‌ व‌ चढ़ावे को हिंदुओं के वेलफेयर व धार्मिक कार्यों पर खर्च किया जाना चाहिए।

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