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मीरा-भायंदर के लोगों की सांसों पर संकट …एक्यूआई २०० पार फिर भी प्रशासन मौन

ओवरलोड डंपरों से हादसों और प्रदूषण का खतरा बढ़ा
सुरेश गोलानी / भायंदर
मीरा-भायंदर शहर की सड़कों पर सरेआम बिना किसी डर के दौड़ने वाले मलबों से भरे ओवरलोडेड डंपर न सिर्फ किसी बढ़े हादसे को न्योता दे रहे है बल्कि वायु प्रदूषण को बढ़ावा देकर लोगों के लिए उनकी जान पर खतरा बने हुए हैं। कंस्ट्रक्शन साइट से मलबा लाने और ले जाने वाले डंपरों की तेज रफ्तार आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। इसके बावजूद मीरा-भायंदर महानगरपालिका, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन इन अवैध रूप से चलने वाले ओवरलोड डंपरों पर कोई ठोस कदम उठाने से कतराता हुआ नजर आ रहा है। हादसों को न्योता देने के अलावा ये डंपर वायु प्रदूषण को भी बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं।
ज्ञात हो कि मीरा-भायंदर शहर में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स २०० के पार पहुंच चुका है, जो हवा की गुणवत्ता खराब या बहुत खराब होने का संकेत है। परिणामस्वरूप नागरिकों खासकर अस्थमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों का प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से अधिक स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। बढ़ते प्रदूषण के बीच शहर में बिना किसी सावधानी के ओवरलोडेड डंपर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं।

बिल्डरों- नेताओं के सामने मनपा प्रशासन नतमस्तक
उल्लेखनीय है कि एक्यूआई को लेकर मनपा प्रशासन ने प्रदूषण रोकने के लिए ठोस उपाय अमल में लाने का आश्वासन दिया था, जो प्रभावशाली बिल्डरों और उनको मदद करने वाले राजनैतिक नेताओं के चलते सिर्फ कागजी आदेशों तक सीमित होकर रह गए हैं। एक तरफ मनपा के प्रशासनिक दावों पर सवाल उठ रहे हैं तो दूसरी तरफ पुलिस और एआरटीओ विभाग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगा है, क्योंकि इन वाहनों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

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