लाखों लोगों की सुरक्षा खतरे में
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में एलपीजी सिलिंडरों की गैरकानूनी और अत्यंत खतरनाक साठवण, परिवहन और वितरण ने पूरे शहर को बड़े हादसे की ओर धकेल दिया है। हिंदुस्तान कामगार संघ ने बीपीसीएल और उसके ७९ वितरकों पर गैस सिलिंडर नियम २०१६, विस्फोटक अधिनियम, पेट्रोलियम अधिनियम तथा अन्य सुरक्षा कानूनों का खुला उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
संघ द्वारा की गई शिकायत पर बांद्रा स्थित ७१वें न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय ने मामले संख्या १९९/२०२५ में बीपीसीएल प्रबंधन और सभी वितरकों को नोटिस भेजी है, लेकिन इसके बाद भी गैरकानूनी साठवण और वितरण का काम जारी होने की पुष्टि हुई है।
आरटीआई से प्राप्त जानकारी और भी चौंकाती है। मुंबई के ३३ वितरकों के पास एक भी मान्य एलपीजी गोदाम नहीं है, जबकि ४० से अधिक वितरकों ने ठाणे-पालघर क्षेत्र में केवल कागजों पर मौजूद गोदाम दिखाकर नियमों से बचने का प्रयास किया है। वास्तविकता यह है कि सिलिंडरों का पूरा भंडारण मुंबई के घनी आबादी वाले इलाकों में अनधिकृत रूप से किया जा रहा है।
सबसे खतरनाक स्थिति अंधेरी क्षेत्र में सामने आई है, जहां मेट्रो स्टेशन, पेट्रोल पंप और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के बिल्कुल नजदीक खुले में हजारों एलपीजी सिलिंडर रखे पाए गए। इस संवेदनशील स्थान पर इतने बड़े स्तर पर सिलिंडरों का जमावड़ा किसी भी क्षण भीषण विस्फोट का कारण बन सकता है। संघ का कहना है कि यह स्थिति संविधान के अनुच्छेद २१ जीवन और सुरक्षा के मौलिक अधिकार का प्रत्यक्ष उल्लंघन है। हिंदुस्तान कामगार संघ की मुख्य मांगें है कि बीपीसीएल और सभी वितरकों की तत्काल केंद्रीय जांच हो, दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई व प्राथमिकी दर्ज हो, मुंबई के सभी अनधिकृत एलपीजी भंडारण केंद्रों को तुरंत सील किया जाए, सभी वितरकों का पीईएसओ द्वारा सुरक्षा ऑडिट हो, शिकायतकर्ताओं और व्हिसलब्लोअर्स को सुरक्षा प्रदान की जाए।
