सामना संवाददाता / लखनऊ
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि एसआईआर के नाम पर आरक्षण और अधिकार छीने जाएंगे. साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारों पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा जो चाहती है, चुनाव आयोग वो करता है। साथ ही उन्होंने बीएलओ की मौतों के मामले को भी उठाया और कहा कि पीड़ितों के परिवारों को एक करोड़ की सहायता राशि और बाकी सरकारी सुविधाएं दी जाए। अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्प्रâेंस में भाजपा और चुनाव आयोग पर बरसते हुए कहा कि एसआईआर के नाम पर आरक्षण और अधिकार छीने जाएंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग कह रहे हैं कि चुनाव आयोग के हाथ खून से रंग गए हैं। उप-चुनाव में चुनाव आयोग के काम को हमने देखा है कि वैâसे बूथ लूटने दिया। बीजेपी जो चाहती है, वो चुनाव आयोग करता है। यह लोकतंत्र खत्म करने की साजिश है। साथ ही उन्होंने कहा कि घोसी विधानसभा के विधायक के निधन के बाद तेरहवीं नहीं हुई, लेकिन २० हजार वोट काटने की तैयारी हो गई है। इस दौरान अखिलेश यादव ने मलीहाबाद के मृतक बीएलओ विजय कुमार की पत्नी को दो लाख रुपए का चेक सौंपा। इस दौरान उन्होंने सरकार से पीड़ितों के परिवारों को एक करोड़ की सहायता राशि और बाकी सरकारी सुविधा देने की मांग की, साथ ही कहा कि एसआईआर में लगे बीएलओ पर अधिकारी दबाव बना रहे हैं।
