भाजपा नेता के ‘तिजोरी की चाबियों’ वाले बयान पर दादा का पलटवार
सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य की तिजोरी की चाबियों के बारे में दिए गए अपने बयान पर उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजीत पवार ने कल पीछे हटते हुए पलटवार किया। उन्होंने जवाबी हमला करते हुए कहा कि राज्य की तिजोरी जनता की संपत्ति है, मेरे या किसी और के बाप की नहीं। घड़ी को वोट दीजिए, आपके क्षेत्र को फंड कम नहीं पड़ने देंगे। आपके हाथ में वोट है तो मेरे हाथ में तिजोरी की चाबियां हैं, अब देखिए क्या करना है। इस तरह का बयान अजीत पवार ने धाराशिव की एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिया था। इस बयान का अजीत पवार गुट के पदाधिकारियों ने भी समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि अजीत दादा के हाथ में राज्य की तिजोरी की चाबियां हैं इसलिए हमारे उम्मीदवारों को वोट देने पर फंड मिलेगा।
अजीत पवार के बयान की विरोधियों के साथ-साथ सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं ने भी जोरदार आलोचना की थी। कोल्हापुर की एक चुनावी सभा में भाजपा नेता चंद्रकांत पाटील ने तंज कसते हुए कहा था कि भले ही तिजोरी की चाबी अजीत पवार के पास हो, लेकिन मुख्यमंत्री हमारे हैं इसलिए तिजोरी का मालिक हमारे पास है। मालिक की अनुमति के बिना तिजोरी नहीं खोली जा सकती। अगर खोली गई तो उसे क्या कहते हैं, यह सबको पता है।
अब अजीत पवार ने अपने उस बयान से पीछे हटते हुए पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ‘तिजोरी की चाबियां मेरे पास हैं’ वाला बयान मैंने अनजाने में दे दिया था। आखिरकार जनता-जनार्दन ही सब कुछ होते हैं। मुझसे ज्यादा अधिकार मुख्यमंत्री के पास ही हैं। लेकिन मेरे पास जो अधिकार है, उसके आधार पर विकास में मदद करना मेरा कर्तव्य है।
तिजोरी हमारे कमरे में
दादा ने जवाब देते हुए कहा कि चाबी तुम्हारे पास है, लेकिन तिजोरी हमारे कमरे में है। अरे, भले ही तिजोरी किसी के भी कमरे में हो, क्या करना है? यह राज्य की जनता की तिजोरी है। यह न तो मेरे बाप की है और न ही दूसरों के बाप की, यह बात सच है।
