मुख्यपृष्ठनए समाचारहत्यारे पिता को आजीवन कारावास की सजा

हत्यारे पिता को आजीवन कारावास की सजा

झुंझुनू। राजस्थान में झुंझुनू जिले के चिड़ावा कस्बे में करीब साढ़े पांच साल पहले जमीन विवाद में अपनी ही बेटी की हत्या करने वाले पिता को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

मामले की कोर्ट में पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता लोकेश शर्मा ने बताया कि चिड़ावा कस्बे में लोहिया स्कूल के पास संजय कुमावत अपने परिवार के साथ रहता था। संजय कुमावत का पिता ताराचंद पैतृक जमीन का प्लॉट बेच रहा था। जिसका संजय कुमावत की पत्नी और बच्चों ने विरोध किया। इसी विरोध के चलते घटना से पहली रात 12 जून 2020 को संजय कुमावत और उसकी पत्नी सरोज के बीच काफी झगड़ा हुआ। इससे अगले दिन सुबह 13 जून 2020 को जब संजय कुमावत की पत्नी सरोज घर में पूजा अर्चना कर रही थी। तो संजय कुमावत ने लोहे की पाइप से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बीच बचाव करने आई 19 साल की बेटी नीतू तथा 18 साल के बेटे विक्रम के साथ भी बेरहमी से मारपीट की। इस हमले में संजय कुमावत की पत्नी सरोज, बेटी नीतू और बेटा विक्रम घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। गंभीर हालत होने पर सरोज और नीतू को जयपुर रैफर किया गया। जहां इलाज के दौरान नीतू ने दम तोड़ दिया।

इस मामले में पुलिस ने संजय कुमावत को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। वहीं घर से ही हत्या के काम में ली गई लोहे की पाइप भी बरामद दी। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अतिरिक्त जिला न्यायालय संख्या एक की न्यायाधीश सीमा ढाका ने आरोपी संजय कुमावत को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 50 हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही अपने फैसले में उल्लेख किया कि एक पिता पर परिवार के रक्षण और संरक्षण दोनों की जिम्मेदारी होती है। वह भी यदि ऐसा कृत्य करता है तो यह समाज के लिए चिंतनीय है।

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