मुख्यपृष्ठसमाचारट्रैकमैन की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, हजार से ज्यादा यात्रियों की...

ट्रैकमैन की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, हजार से ज्यादा यात्रियों की जान बची

सामना संवाददाता / सोलापुर/लातूर
मध्य रेलवे के सोलापुर डिविजन अंतर्गत लातूर सेक्शन में एक ट्रैकमैन की सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा ने बड़ा रेल हादसा होने से रोक दिया। यह घटना उस समय हुई, जब ट्रैकमैन पद पर तैनात सचिन आल्टे छुट्टी पर होते हुए भी अपने दायित्व से पीछे नहीं हटे और करीब 1000 से 1200 यात्रियों की जान बचाने में सफल रहे।

जानकारी के अनुसार, यूनिट नंबर 16, मुरुड में कार्यरत ट्रैकमैन सचिन आल्टे छुट्टी के दिन परिवार के साथ निजामाबाद-पंढरपुर एक्सप्रेस से लातूर की ओर यात्रा कर रहे थे। ट्रेन जैसे ही किलोमीटर 515/0-1 के पास पहुंची, अचानक उसकी रफ्तार धीमी हुई और फिर वह रुक गई। स्थिति को भांपते हुए सचिन तुरंत ट्रेन से नीचे उतरे। तभी उन्होंने देखा कि एक चाबीवाला कर्मचारी घबराए हुए दौड़ता आ रहा है।

पूछताछ करने पर पता चला कि आगे ट्रैक पर वेल्डिंग फ्रैक्चर हो गया है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। यह सुनते ही सचिन आल्टे बिना समय गंवाए उस लोकेशन की ओर दौड़े। रेल कर्मचारी होने के कारण उन्हें रेलवे की इमरजेंसी पट्टी की पूरी जानकारी थी। उन्होंने चाबीवाले घनश्याम मोरे की मदद से तुरंत इमरजेंसी पट्टी खोलकर फ्रैक्चर वाले स्थान पर लगाई और रेलवे के निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ट्रैक को सुरक्षित किया।

इसके बाद ट्रेन को महज 10 किलोमीटर प्रति घंटे की नियंत्रित गति से आगे बढ़ाया गया। अगर समय रहते यह सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जाती, तो बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता था। इस ट्रेन में करीब 1000 से 1200 यात्री सवार थे, जिनकी जान इस त्वरित कार्रवाई से सुरक्षित रही।

रेलवे अधिकारियों और यात्रियों ने सचिन आल्टे की तत्परता और कर्तव्य भावना की सराहना की है। छुट्टी पर होते हुए भी ड्यूटी को सर्वोपरि मानकर उन्होंने जो मिसाल पेश की है, वह सभी रेलकर्मियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।

अन्य समाचार