मुख्यपृष्ठविश्वभारतीयों ने ही अमेरिका को सुपरपावर बनाया! ...एलन मस्क ने खोला राज

भारतीयों ने ही अमेरिका को सुपरपावर बनाया! …एलन मस्क ने खोला राज

दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क ने आखिरकार वो बात बोल ही दी, जिसे सुनकर अमेरिका के अंदरूनी इमिग्रेशन-विरोधी गुटों के होश उड़ गए। एक पॉडकास्ट में मस्क ने साफ-साफ कहा कि अमेरिका को पिछले दशकों में जितना फायदा हुआ है, उसका बड़ा हिस्सा भारतीय टैलेंट की वजह से हुआ है। सत्या नडेला, सुंदर पिचाई जैसे लोग इसका जीता-जागता सबूत हैं। और तो और, जब एच-१बी वीजा को लेकर ट्रंप वैंâप में घमासान मचा हुआ है, तब मस्क ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस प्रोग्राम का दुरुपयोग हुआ है, इसे ठीक करो, लेकिन बंद करोगे तो अमेरिका खुद अपनी सबसे बड़ी ताकत को मार डालेगा।
यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब हजारों भारतीयों का सदियों पुराना अमेरिकी सपना (ऊंची पढ़ाई, मोटी सैलरी वाली नौकरियां, बेहतर लाइफस्टाइल और तरक्की का वादा) सख्त होते वीजा नियमों और अचानक नीतिगत बदलावों की वजह से तेजी से फीका पड़ता दिख रहा है। मस्क ने कहा कि मेरा मानना है कि अमेरिका को यहां आए टैलेंटेड भारतीयों से बहुत फायदा हुआ है।
मस्क ने आगे कहा कि मेरा अपना अनुभव यही है कि टॉप टैलेंट हमेशा कम पड़ता है। मुश्किल काम करवाने के लिए आपको असाधारण लोग चाहिए। कुछ कंपनियां इसे सिर्फ कॉस्ट का खेल बना देती हैं। अगर अमेरिकी नागरिक से आधे या उससे भी कम पैसों में कोई काम कर दे तो वे उसे हायर कर लेती हैं।
स्पेसएक्स, टेस्ला और ‘एक्स’ जैसे खुद के टॉप अमेरिकी कंपनियों का उदाहरण देते हुए मस्क ने कहा कि उनकी कंपनियां हमेशा बेस्ट टैलेंट ढूंढती हैं और उन्हें एवरेज से कहीं ज्यादा सैलरी देती हैं। इसलिए एच-१बी के दुरुपयोग को रोकना जरूरी है, लेकिन प्रोग्राम को पूरी तरह बंद करना सही नहीं।

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