-कालीना में ‘करोड़ों रुपयों’ पर अधिकारियों ने फेरा पानी
-एक साल से चल रहा है निर्माण कार्य, नागरिक परेशान
द्रुप्ति झा / मुंबई
मनपा में भ्रष्टाचार की सुनामी चल रही है। मुंबई की टूटी-फूटी सड़कें इसका उदाहरण हैं। हद तो तब हो गई जब एक ही सड़क को बनाकर फिर से तोड़ा जा रहा है। इससे पैसे की बर्बादी के साथ ही मुंबईकरों की परेशानी भी काफी बढ़ गई है। ताजा मामला कालीना का है, जहां कंक्रीट की एक नवनिर्मित सड़क सिर्फ दो हफ्ते में ही खोदकर तोड़ डाली गई।
मनपा में जारी भ्रष्टाचार एक बार फिर उजागर हुआ है। सड़कों की घटिया निर्माण के कारण शहर की सड़कों की दुर्दशा जगजाहिर है। मनपा द्वारा बने कालीना के सुंदर नगर की २५० मीटर की सड़क जनता के लिए दो सप्ताह पहले ही खोली गई थी। मगर करोड़ों रुपयों की लागत से बनी इस सड़क को महज १४ दिनों में ही तोड़ने की नौबत आ गई। इसका कारण यह बताया गया कि सड़क की सही तरीके से लेबलिंग नहीं हो सकी, इस कारण इसे फिर से तोड़कर बनाया जाएगा।
मनपा के घटिया काम से
बढ़ रहा है वायु प्रदूषण!
एक तरफ मनपा करोड़ों रुपए खर्च करके सड़कें बनाने का दिखावा करती है, वहीं दूसरी ओर नवनिर्मित सड़क को तोड़ने से बाज नहीं आती। हाल ही में कालीना की कंक्रीट की एक सड़क को जनता के लिए खोला गया था, लेकिन फिर इसे तोड़ दिया गया। इस समय जबकि मुंबई वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है, मनपा का यह काम इस समस्या को और भी बढ़ा रहा है।
लगातार यात्रियों की शिकायतें और सड़क की असुविधा से परेशान लोगों की तकलीफ असहनीय हो गई, जिस वजह से सड़क को मनपा के ठेकेदार द्वारा सड़क के घटिया लेबलिंग के कारण फिर से खोद दिया गया है। ऐसे में वाहन चालक, पैदल यात्री और स्कूली बच्चों के लिए यह खोदी गई सड़क मुसीबत बन गई है। कालीना का यह इलाका केईएस स्कूल से सुंदर नगर के विघ्नेश्वर मंदिर तक पैâला हुआ है। इस इलाके और इसके आसपास क्षेत्र में सड़क का काम अक्टूबर २०२४ में शुरू होना था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें देरी होती चली गई। खराब जल निकासी, खुदाई के दौरान क्षतिग्रस्त हुए गैस और पानी की पाइप और इस साल असामान्य रूप से लंबे मानसून के कारण देरी होती गई। बारिश थमने के बाद, बाकी काम १ अक्टूबर, २०२५ को शुरू हुआ। पिछले दो महीनों से सुंदर नगर के निवासियों को लगातार शोरगुल वाला काम सहना पड़ रहा है, जो अक्सर आधी रात के बाद किया जाता था। यातायात में बाधा कम करने के लिए यह काम सुबह तक चलता रहता था। दो हफ्ते पहले काम पूरा हुआ था और सड़क को आम आदमी के लिए खोल दिया गया था। मगर जैसे ही लोगों ने चैन की सांस ली कि मनपा के अधिकारी जैकहैमर और अन्य भारी मशीनरी लेकर सड़क फिर से खोदने के लिए वापस आ गए। दरअसल, सड़क के जिस हिस्से पर कंक्रीट बिछाया गया था, उसको फिर से खोदना पड़ा क्योंकि उचित समतलीकरण और ढलान नहीं बनाया गया था, जिस वजह से कई समस्याएं पैदा हो रही थीं। सड़कों पर पानी जमा होने लगा था।
आम जनता की मुसीबत
समाज सेवक राजन नाइक ने कहा कि मनपा का इस तरीके का सड़कों पर घटिया निर्माण आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। सड़क के विकास के नाम पर करोड़ों का टेंडर पास होता है, लेकिन लगता है वह इस तरह के गलत नियोजन और भ्रष्टाचार की भेट चढ़ जा रहा है। आम जनता का रोड टैक्स, पानी में जा रहा है और सड़क सुविधा के नाम पर भ्रष्टाचार में लिप्त मनपा अधिकारी मस्त हैं।
