सामना संवाददाता / कोलकाता
भारतीय सेना ने बंगाल की खाड़ी में एक टेस्ट रेंज से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल कॉम्बैट मिसाइल लॉन्च किया। यह लॉन्च दक्षिणी कमान की ब्रह्मोस यूनिट और तीनों सेनाओं की अंडमान और निकोबार कमान के एलिमेंट्स को शामिल करते हुए एक सटीक कोऑर्डिनेटेड मिशन में किया गया।

एडवांस्ड गाइडेंस और कंट्रोल सिस्टम से लैस मिसाइल ने एक तय टारगेट को सटीकता से निशाना बनाकर अपनी परफॉर्मेंस, हाई-स्पीड फ्लाइट स्टेबिलिटी और टर्मिनल एक्यूरेसी को साबित किया। मिशन ने नकली युद्ध स्थितियों में सभी ऑपरेशनल उद्देश्यों को पूरा किया, जिससे भारतीय सेना की ब्रह्मोस यूनिट्स की हाई ऑपरेशनल तैयारी और उभरती युद्धक्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए रियल-टाइम सटीक स्ट्राइक मिशन करने की उनकी क्षमता की पुष्टि हुई।
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ (पीवीएसएम, एवीएसएम) जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी कमान ने ब्रह्मोस मिसाइल के सफल कॉम्बैट लॉन्च की सराहना की।

यह सफल लॉन्च लंबी दूरी की सटीक स्ट्राइक क्षमता बढ़ाने और प्रतिरोध को मजबूत करने के सेना के लगातार प्रयासों में एक बड़ा मील का पत्थर है। इस लॉन्च ने एक बार फिर भारत के स्वदेशी मिसाइल सिस्टम की सटीकता, विश्वसनीयता और प्रभावशीलता को दिखाया, जो देश की रणनीतिक और तकनीकी क्षमताओं में लगातार प्रगति को दर्शाता है।
यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत आत्मनिर्भरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
