सूफी खान
ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद आयतुल्लाह अली खामेनेई अक्सर दुनिया के तमाम मुस्लिम अक्सरियत वाले मुल्कों से कहते रहे हैं कि आगे आओ सब एक हो जाओ, सब एक ताकत बन जाओ। एक मुस्लिम या इस्लामिक ताकत जो इजरायल और अमेरिका के मजबूत अलायंस के खिलाफ ‘सीसा पिलाई हुई दीवार’ की मानिंद खड़ी हो जाए। इमाम खामनेई के इन ख्यालात पर ऐसा लगता है देर से ही सही मुस्लिम देशों ने कुछ तो कान देना शुरू किया है। बड़ी खबर ये है कि ईरान की राजधानी तेहरान में तुर्की, सऊदी और ईरान के लीडर्स और आला अफसरान जुटे। इनकी इस मुलाकात ने मिडिल ईस्ट की सियासी हलचल को तेज कर दिया है। तीनों मुल्कों की मुलाकात ऐसे वक्त में हो रही है, जब इजरायल ने सीरिया और लेबनान पर हमले बढ़ा दिए हैं और इजरायली मीडिया ने फिर से ईरान पर अटैक होने की संभावना जताते हुए खबरें चलाना तेज कर दिया है। पहले तुर्की के फॉरेन मिनिस्टर हकान फिदान दिसंबर की पहली तारीख को ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से मुलाकात करते हैं, उसके बाद अब्बास अरागची सऊदी के फॉरेन सेक्रेटरी से तेहरान में मिलते हैं। खबर तो ये भी है कि तीनों के दर्मियान डील भी साइन हुई हैं। ये सब आनन फानन में हो रहा है। इसको लेकर कई तरह की अटकलें भी लगने लगी हैं कि आखिर नाटो मुल्क तुर्की को ईरान की क्या जरूरत पड़ गई या सऊदी और तुर्की एक साथ वैâसे आ रहे हैं वो भी ईरान में मुलाकात, अगर ये कोई बड़ा फौजी अलायंस बनने जा रहा है तो ये अपने आप में मिडिल ईस्ट में बहुत बड़ा होने जा रहा है।
ईरानी मीडिया तो ये भी बता रहा है कि तेहरान में तुर्की के फॉरेन मिनिस्टर और प्रेसिडेंट रजब तैय्यब एर्दोगान के बेहद खास हकान फिदान ने इजरायल के तौर-तरीकों की निंदा की है। तुर्की ने ईरान की संप्रभुता और एकता का सम्मान करने की जरूरत पर जोर दिया है।
फिर खबर आती है कि रूस ईरान के लिए एस यू -३५ का उत्पादन शुरु कर रहा है। जी हां ईरान को १६ एसयू- ३५ फाइटर जेट दिए जाने हैं। मीडिया रिपोर्ट बता रही हैं कि रूस बहुत जल्द ही ईरान को ये डिलीवरी दे देगा। रूस ने ईरान को पहले दिए जाने वाले १६ एसयू-३५ फाइटर जेट का उत्पादन शुरु कर दिया है। एसयू यानी सुखोई-३५ ये खतरनाक जेट हवा, जमीन और समुद्र में टारगेट को किसी भी समय और किसी भी तरह के म्ाौसम में निशाना बना सकते हैं।
सुखोई-३५ में आधुनिक हथियार और लंबी दूरी तक निशाना साधने वाले सिस्टम लगे हैं। ये विमान अपने एयरबेस से दूर भी दुश्मनों को मार सकते हैं। इसमें नए डिजिटल कंट्रोल इंजन हैं, जो विमान को तेजी से दिशा बदलने में मदद करते हैं। इससे विमान की परफॉर्मेंस और भी बेहतर हो जाती है। एसयू-३५ को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की ओर रूस का एक अहम कदम माना जाता है। ईरान और सऊदी के बीच खित्ते के हालात और इजरायल के ग्रेटर इजरायल के ख्वाब को पूरा होने से रोकने के लिए बहुत अहम चर्चा हुई है। जिसमें ईरान की इंटरनल सिक्योरिटी को लेकर सऊदी ने मीटिंग की है। सऊदी की कोशिश ईरान और अमेरिका के बीच न्यूक्लियर बातचीत कराने की भी है। इस बार ईरान तुर्की और सऊदी का मिलना और पोशिदा तरीके से कुछ ऐसे मशवरे अंजाम देना जो मंजर ए आम पर नहीं लाए गए, बहुत कुछ कह जाता है।
