•गरमाया प्रकरण..पुलिस ने किया मुख्य आरोपी को अरेस्ट
सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
यूपी में ‘योगीराज’ के बावजूद दबंग और मनबढ़ अराजक तत्वों ने सुल्तानपुर में सीमाएं लांघ दी। एक विवादित व कथित रूप से अवैध टैक्सी स्टैंड का संचालन कर रहे दबंग मनबढ़ अराजक युवक ने वरिष्ठ अधिवक्ता को ही उनकी कार से बाहर घसीट लिया। वसूली के लिये हाथापाई मारपीट की। गालियां दीं। कोट की जेब से रुपये छीन लिए। मामले ने तूल पकड़ा तो नगर पुलिस ने आरोपी स्टैंड संचालक व उसके चार-पांच गुर्गों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कर उसे दबोच लिया। अब उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
घटनाक्रम के मुताबिक, सुल्तानपुर सिविल कोर्ट के अधिवक्ता समर बहादुर सिंह गत २५ नवंबर की शाम शहर के अमहट चौराहे से अपने एक साथी के इंतजार में कार लेकर लखनऊ में रिश्तेदार के घर मांगलिक समारोह में जाने के लिये खड़े थे। साथी के आने पर जब वे उसके साथ वाहन से जाने लगे तो खुद को टैक्सी स्टैंड संचालक बताने वाला काज़िम हुसैन वहां आ धमका और अभद्रता पूर्वक टोकन मनी मांगने लगा। इसपर अधिवक्ता सिंह अवैध वसूली के तौर पर रुपये देने से इनकार कर कार लेकर चल पड़े। इससे आरोपी काज़िम आगबबूला हो उठा।
गुर्गों के साथ उसने अधिवक्ता की कार को अपने वाहन से पीछाकर कुछ दूर लखनऊ मार्ग पर ओवरटेक कर रोक लिया और गालीगलौज हाथापाई कर अधिवक्ता को कार से बाहर घसीट उनसे रुपये छीन लिये। इस दौरान राहगीरों के मौके पर बढ़ती संख्या देखकर वो भाग निकला। प्रकरण को सुल्तानपुर बार एसोसिएशन ने गंभीरता से लिया। पीड़ित अधिवक्ता सिंह के साथ बार प्रतिनिधिमंडल ने सीओ सिटी से वार्ता की। तब जाकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। फिलहाल मंगलवार की शाम को पुलिस मीडिया सेल ने बताया कि आरोपी काज़िम को नगर कोतवाली के दरोगा रजत पांडेय ने दबोच लिया है। उसके अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है।
