-प्रबंधन की लापरवाही से स्कूल में बंद हुए ११ बच्चे
मध्य प्रदेश के धार जिले के तिरला के मॉडल स्कूल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां ठंड के चलते मास्साब द्वारा छत पर क्लास लगाए जाने के कारण ११ बच्चे स्कूल के भीतर ही बंद हो गए। स्कूल की छुट्टी हो जाने के बावजूद छत पर पढ़ रहे बच्चों की तरफ न मास्साब का ध्यान गया और न ही स्कूल प्रशासन का। सभी के घर चले जाने के बाद प्यून स्कूल के मेनगेट पर ताला लगाकर चला गया। किसी ने भी स्कूल में ताला लगाने से पहले यह नहीं देखा कि कहीं कोई बच्चा भीतर तो नहीं छूट गया, जबकि स्कूल में ११ बच्चे मौजूद थे।
स्कूल परिसर में पड़ी रही घायल छात्रा
स्कूल की पहली मंजिल पर बनी खिड़की से जब छात्रा बाहर निकलने के लिए कूदी तो उसके पैर में गंभीर चोट लग गई और वो वहीं पड़ी रही। छात्रा के पिता ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद न प्रिंसिपल ने इसे गंभीरता से लिया और न ही चौकीदार ही वहां पर आया। जब पिता बच्ची को तलाशने स्कूल पहुंचे तो बच्ची वहां दर्द से तड़प रही थी। वे उसे उठाकर अस्पताल ले गए और उसे भर्ती करवाया। मामले में स्कूल में वैâद छात्रों ने बताया कि ठंड के कारण उनके शिक्षक ने बच्चों को छत पर बैठाया था। छुट्टी की घंटी बजी, लेकिन छत पर बैठे होने के कारण उन्हें नीचे की हलचल समझ ही नहीं आई कि स्कूल खाली हो गया है। वे छत पर ही बैठे पढ़ते रहे। इस मामले में धार जिला शिक्षा अधिकारी तक शिकायत पहुंची है। डीईओ ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और स्कूल स्टाफ से जवाब-तलब किया गया है। यदि प्रबंधन की लापरवाही सामने आई तो निश्चित ही कार्रवाई की जाएगी।
फंसे छात्र खिड़की से कूदे
मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन और प्यून की लापरवाही के चलते ११ बच्चे स्कूल के अंदर घंटों फंसे रहे। स्कूल के अंदर फंस जाने के बाद जहां कुछ बच्चे रोने लगे, वहीं कुछ की हालत खराब हो गई। खैर, बाद में बच्चों ने अपना दिमाग लगाया और स्कूल की खुली हुई खिड़की से कूदकर वो किसी तरह बाहर निकले। लेकिन इसी बीच छठवीं क्लास की एक छात्रा को पहली मंजिल की खिड़की से कूदते समय पैर में चोट लगने की बात भी सामने आई है।
