मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
यूपी में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में लगे एक और बूथ लेबल अधिकारी (बीएलओ) की मौत हो गयी। घटना हाथरस जिले की है। मृतक बीएलओ के परिवार ने आरोप लगाया है कि एसआईआर के दौरान अधिकारियों द्वारा लगातार दबाव और मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार 40 साल के बीएलओ कमलकांत शर्मा की मंगलवार सुबह अचानक मौत हो गई। वो हाथरस की तहसील सिकंद्राराऊ के ब्राह्मणपुरी मोहल्ले के निवासी थे। बताया जा रहा है कि सुबह छत से सीढ़ियों से नीचे उतरते समय उन्हें अचानक चक्कर आया और वे नीचे गिर पड़े। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल पास के अस्पताल ले गये। वहां से डॉक्टरों ने उन्हें अलीगढ़ रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
कमलकांत शर्मा गांव नावली लालपुर में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। वर्तमान में वो बीएलओ की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। बीएलओ की पत्नी नीलम शर्मा ने बताया कि उनके पति पर काम का अत्यधिक दबाव था। अधिकारियों के लगातार फोन आ रहे थे। नीलम शर्मा के मुताबिक मैंने कई बार समझाया कि काम का इतना प्रेशर मत लो, लेकिन वे मानते नहीं थे। सुबह अचानक चक्कर आकर गिर पड़े और फिर वापस नहीं लौटे। शर्मा के परिवार पत्नी के अलावा चार बच्चे हैं।
बीएलओ की मौत की सूचना मिलते ही सिकंद्राराऊ के एसडीएम और सीओ तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद डीएम अतुल वत्स और एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा भी मृतक के घर पहुंचे। अधिकारियों ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना की विस्तृत जानकारी लेने के साथ परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी। यूपी में अब तक 9 बीएलओ की मौत हो चुकी है। जिन बीएलओ की मौत हुई है, इनमें से तीन ने आत्महत्या की है। बीएलओ की आत्महत्या के ये मामले गोंडा, फतेहपुर और मुरादाबाद जिले में हुए हैं। एसआईआर में लगे सरकारी कर्मचारी काम का अत्यधिक दबाव बता रहे हैं।
