मुख्यपृष्ठसमाचारन्यूज स्कैन :  प्रेम-पैसे और विश्वासघात लिव-इन से मर्डर तक

न्यूज स्कैन :  प्रेम-पैसे और विश्वासघात लिव-इन से मर्डर तक

खुशबू सिंह

– चार माह का प्यार एक रात में खून
– ट्रांसजेंडर प्रेमिका का काटा गला
दिल्ली के मधु विहार इलाके में अगस्त २०२५ को उस समय सनसनी पैâल गई, जब एक फ्लैट में ३० वर्षीय ट्रांसजेंडर व्यक्ति करण उर्फ अन्नू का शव गला रेता हुआ और खून से लथपथ मिला। यह मामला शुरू में एक साधारण हत्या लग रहा था, लेकिन दिल्ली पुलिस की गहन जांच ने जो खुलासा किया, वो दिल दहला देनवाला था। हत्या किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि मृतक के लिव-इन पार्टनर १९ वर्षीय रेहान उर्फ इक्का और २० वर्षीय उसके साथी मोहम्मद सरवर ने मिलकर की थी। वजह था- प्रेम, पैसा और कथित विश्वासघात।
रिश्ते में खटास!
पुलिस जांच में सामने आया कि गाजीपुर के एमसीडी स्कूल इलाके का रहनेवाला १९ वर्षीय रेहान पिछले चार महीनों से करण उर्फ अन्नू के साथ लिव-इन में रह रहा था। दोनों के बीच शुरू में गहरा प्रेम था, लेकिन धीरे-धीरे रिश्ते में खटास आने लगी। आरोप है कि रेहान करण से लगातार पैसे ऐंठता था। जब करण ने दूरी बनानी शुरू की और रिश्ते को खत्म करने के संकेत दिए तो रेहान इसे अपना अपमान और विश्वासघात समझ बैठा।
गुस्से में साजिश
आक्रोशित रेहान ने अपने दोस्त मोहम्मद सरवर (गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी का निवासी) के साथ मिलकर करण की हत्या की योजना बनाई। दोनों ने मिलकर करण पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और गला रेतकर उसकी जान ले ली। हत्या के बाद दोनों फरार हो गए।
मध्यरात्रि तक चले छापे
दिल्ली पुलिस की ईस्ट डिस्ट्रिक्ट टीम ने ट्रांस-यमुना क्षेत्र के साथ-साथ गाजियाबाद और मेरठ में व्यापक छापेमारी की। एक ठोस खुफिया सूचना के आधार पर टीम लक्ष्मीनगर मेट्रो स्टेशन के पास शकरपुर फ्लाईओवर के नीचे पहुंची। रात करीब १२:४५ बजे दोनों आरोपी वहां पैदल पहुंचे और किसी का इंतजार करने लगे। मुखबिर की पुष्टि के बाद पुलिस ने रात लगभग १ बजे दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में रेहान और सरवर ने हत्या की पूरी घटना कबूल कर ली। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया।
ट्रांसजेंडर समुदाय में दहशत
इस घटना ने दिल्ली-एनसीआर के ट्रांसजेंडर समुदाय में दहशत पैदा कर दी है। समुदाय के लोग कह रहे हैं कि उनके साथ अक्सर भेदभाव होता है और रिश्तों में भी वे ठगे जाते हैं। कई कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की सुरक्षा और कानूनी अधिकारों को और मजबूत किया जाए। ये घटना एक बार फिर समाज को ये सोचने पर मजबूर कर रही है कि प्रेम के नाम पर हिंसा और विश्वासघात की कोई जगह नहीं होनी चाहिए, चाहे रिश्ता किसी भी स्वरूप का हो। करण उर्फ अन्नू की जिंदगी यूं बेरहमी से खत्म हो गई, लेकिन उसकी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब समाज को अभी ढूंढ़ने बाकी हैं।

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