-१८ दिनों तक ईवीएम मशीनें भगवान भरोसे
सामना संवाददाता / मुंबई
नगर परिषद और नगर पंचायत की मतगणना टलने पर विपक्ष भड़क गया है। विपक्ष को गहरी आशंका है कि नतीजों को इतनी लंबी अवधि तक टालना चुनावी प्रक्रिया को संदिग्ध बनाता है। उनका आरोप है कि अब १८ दिनों तक ईवीएम मशीनें पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी जाएंगी। इसी आधार पर विपक्ष ने चुनाव आयोग को सत्ताधारी पक्ष की ‘कठपुतली’ बताते हुए गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी है, जिससे चुनावी प्रबंधन और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने चुनाव आयोग पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि चुनावों का पूरा खेल-खिलवाड़ हो गया है। चुनाव बच्चों के खेल बन गए हैं। राज्य सरकार और चुनाव आयोग इसके लिए जिम्मेदार हैं। सुप्रीम कोर्ट के पैâसले का गलत अर्थ निकाला गया। ओबीसी को २७ प्रतिशत आरक्षण दिया, यह सरकार को दिखाना था। यह सरकार किस दिशा में काम करती है? आज की मतगणना २१ दिसंबर तक टल गई। चुनाव आयोग सरकार के हाथ की कठपुतली बन गया है। उनके इशारे पर काम कर रहा है। विजय वडेट्टीवार ने कहा कि राज्य में इतने चुनाव हुए, लेकिन इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। इसके लिए फडणवीस सरकार जिम्मेदार है। राकांपा विधायक रोहित पवार ने कहा कि चुनाव आयोग ने समय-समय पर आदेशों में बदलाव किए। इससे चुनाव में कई अड़चनें पैदा हुईं और यह मामला कोर्ट में गया। उसके पास भी कोई रास्ता नहीं बचा और इसलिए उन्होंने मतगणना टाल दी। इसमें चुनाव आयोग गलत है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोरात ने कहा कि यह लोकशाही है। लोकशाही के लिए राज्य चुनाव आयोग निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया का पालन नहीं कर पा रहा। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बात है। मंत्रालय में कोई तो पीए प्रोग्राम बना रहा है और वही चुनाव आयोग चला रहा है, ऐसा मेरा मत है। चुनाव आयोग के अधिकारी उच्च शिक्षित, आईएएस हैं।
