मुख्यपृष्ठसमाचारलखनऊ में लूट के लिए महिला की हत्या, सीसीटीवी में दिखा संदिग्ध!

लखनऊ में लूट के लिए महिला की हत्या, सीसीटीवी में दिखा संदिग्ध!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

राजधानी लखनऊ में जानकीपुरम के सेक्टर आई स्थित यशोदापुरम कॉलोनी निवासी नीलिमा श्रीवास्तव (74) की मंगलवार देर रात लूटपाट के दौरान हत्या कर दी गई। उनके गले पर चोट के निशान भी थे। घर का सामान भी बिखरा हुआ पाया गया। बुधवार सुबह पड़ोसी ने उनका शव कमरे में फर्श पर पड़ा देखा। नीलिमा अकेले ही रहती थीं। उनके भाई प्रदीप श्रीवास्तव ने जानकीपुरम थाने में हत्या का केस दर्ज कराया है। सीसीटीवी फुटेज में शॉल लपटे एक संदिग्ध नजर आया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस भी लूट की बात से इनकार कर रही है। नीलिमा श्रीवास्तव अकेली समधी कैलाश बाबू सक्सेना के दिए हुए दो कमरे के मकान में रहती थीं। उनकी देखरेख उनकी तीन बहनें और भाई प्रदीप करते थे। पति रमेश कुमार की काफी साल पहले मौत हो चुकी है। बेटे विभोर की वर्ष 2018 में मौत हो गई थी। बेडरूम में रखा सारा सामान बिखरा हुआ था। वह लोग जब दूसरे कमरे में पहुंचे तो नीलिमा का शव फर्श पर पड़ा देखा। शव के ऊपर कंबल डला था। दीपू ने सूचना पुलिस कंट्रोल रूम और नीलिमा के परिजनों को दी। सूचना पर जानकीपुरम पुलिस, एडीसीपी नॉर्थ गोपी नाथ सैनी, एसीपी अलीगंज अरीब खान और फॉरेंसिक टीम भी पहुंच गई। छानबीन में नीलिमा के गले पर चोट के निशान मिले। आशंका है कि लूटपाट के दौरान उनकी गला दबाकर हत्या की गई थी। परिजनों ने सामान गायब होेने की बात तो कही पर तहरीर में इसका कोई जिक्र नहीं किया।

पुलिस ने जब नीलिमा के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया तो एक संदिग्ध मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे नीलिमा के घर के अंदर दाखिल होते नजर आया। इसके बाद उक्त संदिग्ध मंगलवार करीब ढ़ाई बजे उनके घर से चुपचाप निकलते भी दिखा। आरोपी पैदल ही मड़ियांव गांव की तरफ चला गया। पुलिस को संदिग्ध युवक की कई फुटेज मिली है। अब पुलिस उसके बारे में पता लगा रही है। शॉल लपटे होने की वजह से संदिग्ध युवक का चेहरा नजर नहीं आया है।पुलिस को अपनी जांच में इस बात का पता चला है कि नीलिमा के घर दोपहर के वक्त एक टिफिन वाला खाना देने आता था। दोपहर में आया खाना वह दो टाइम खाती थीं। अब पुलिस टिफिन देने वाले के बारे में भी पता लगा रही है।बुजुर्ग नीलिमा की हत्या के पीछे उनके घर से परिचित व्यक्ति के शामिल होने का शक है। आरोपी को नीलिमा के बारे में पहले से सब कुछ पता था। इस बात की भी आशंका है कि उसका उनके घर आना-जाना भी था। अब पुलिस ऐसे लोगों को चिन्हित कर रही है।बुजुर्ग नीलिमा की हत्या की खबर सुबह जैसे ही मोहल्ले में फैली लोगों की भीड़ उनके घर के बाहर जमा हो गई। मोहल्ले वालों का कहना है कि वह खुशमिजाज थीं। रोज सुबह सात से साढ़े सात के बीच वह घर के सामने बने चबूतरे पर बैठ जाती थीं और घंटों बातचीत किया करती थीं। उनका किसी से कोई विवाद या मनमुटाव भी नहीं था। मोहल्ले वालों का भी यही मानना है कि लूटपाट के दौरान ही उनकी हत्या की गई है।”

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