जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से जुड़े एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से लगभग पांच किलो हेरोइन बरामद की गई है। इस हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब ३० करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह रैकेट लंबे समय से बॉर्डर एरिया से ड्रग्स सप्लाई कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, यह सिर्फ स्मगलिंग नहीं बल्कि सीधे-सीधे देश के खिलाफ चल रही नार्को-टेररिज्म की साजिश थी।
पुलिस अधीक्षक अजय शर्मा ने बताया कि जम्मू में यह अब तक की सबसे बड़ी नशा-तस्करी की कार्रवाई में से एक है। शुरुआती जांच में पता चला कि ये आरोपी पाकिस्तान स्थित ड्रग हैंडलर्स से सीधे संपर्क में थे। डिजिटल फुटप्रिंट्स ने इस पूरे नेटवर्क की पोल खोल दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस की जांच में साफ हुआ कि सभी आरोपी सीमा पार बैठे पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़े हुए थे। उन्हें लगातार ड्रग्स और हथियारों की सप्लाई मिल रही थी। पुलिस का कहना है कि यह रैकेट भारत की युवा पीढ़ी को नशे के जाल में फंसाकर देश को नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा था। एसपी अजय शर्मा ने बताया कि यह मामला सिर्फ ड्रग तस्करी का नहीं, बल्कि देश के खिलाफ चल रही एक ‘अनकन्वेंशनल वॉर’ का हिस्सा है।
देश को कमजोर करने की साजिश
पुलिस अधीक्षक अजय शर्मा ने कहा कि जांच में यह भी पता चला कि इस रैकेट के ज्यादातर सदस्य भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीकी इलाकों से ताल्लुक रखते हैं। इन्हें बॉर्डर पार से सप्लाई, फंडिंग और निर्देश मिलते थे। यह पूरी गैंग संगठित तरीके से नशा पैâलाकर देश को कमजोर करने की साजिश कर रही थी, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया। अब पुलिस इस नेटवर्क को तोड़कर फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
