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महापरिनिर्वाण दिवस, १३ स्टेशनों पर बंद हुए प्लेटफॉर्म टिकट … भीड़ का हवाला देकर मध्य रेलवे ने लगाई रोक

जेदवी / मुंबई
लंबी दूरी की ट्रेनों से सफर करनेवाले यात्री अकसर गांव जाते वक्त भारी-भरकम सामान लेकर अपने साथ निकलते हैं, जिसकी वजह से परिजन उन्हें सुरक्षित ट्रेन में बैठाने के लिए स्टेशन तक आते हैं। लेकिन महापरिनिर्वाण दिवस पर होनेवाली भीड़ को देखते हुए मध्य रेलवे ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए परिजनों के स्टेशन पर आने पर अप्रत्यक्ष पाबंदी लगा दी है।
मध्य रेलवे ने महापरिनिर्वाण दिवस पर बढ़नेवाली भीड़ का हवाला देते हुए ५ दिसंबर से ७ दिसंबर, २०२५ तक मुंबई समेत १३ प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट बिक्री पर रोक लगा दी है। इसमें छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, दादर, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, भुसावल मंडल के भुसावल, नासिक रोड, मनमाड, जलगांव, अकोला, शेगांव, पाचोरा, बडनेरा, मलकापुर और चालीसगांव, जबकि ५ और ६ दिसंबर, २०२५ को नागपुर मंडल के नागपुर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट बिक्री पर रोक लगा दी है। केवल वृद्ध व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों, बीमार व्यक्तियों, बच्चों, निरक्षर व्यक्तियों और स्वयं की देखभाल करने में असमर्थ महिला यात्रियों के साथ आनेवाले व्यक्तियों को यात्रा की सुगमता सुनिश्चित करने के लिए इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है। रेलवे का तर्क है कि यात्रियों के साथ आनेवाले लोग अनावश्यक भीड़ बढ़ाते हैं, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
हालांकि, इस पैâसले से यात्रियों में नाराजगी देखी जा रही है। कुलियों के बढ़े दामों को देखते हुए स्टेशनों पर यात्रियों को अपना भारी सामान खुद ढोते हुए देखा जा सकता है। लोगों का सवाल है कि जीआरपी और आरपीएफ की इतनी बड़ी तैनाती के बावजूद क्या मध्य रेलवे भीड़ को नियंत्रित नहीं कर सकती? यात्री खुलकर कह रहे हैं कि रेलवे प्रशासन के इस निर्णय से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। रेलवे ने नागरिकों से अपील की है कि वे भीड़ नियंत्रित करने की इस अस्थायी व्यवस्था में सहयोग करें और अपनी यात्रा योजना के अनुसार तय करें।

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