सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई मनपा चुनाव में शिवसेना और मनसे की शिवशक्ति ने पैसे और स्याही के खेल को करारा जवाब दिया। शिवशक्ति के बेहतर प्रदर्शन से उम्मीद से अधिक नगरसेवक निर्वाचित हुए। भारतीय जनता पार्टी के गढ़ माने जाने वाले कई वार्डों में शिवशक्ति के उम्मीदवारों ने कड़ी टक्कर देते हुए जीत हासिल की।
महानगरपालिका के नतीजों के बाद शिवशक्ति के विजयी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों ने जोरदार जश्न मनाया। शिवसैनिकों और मनसैनिकों ने शिवसेना भवन के सामने भी भव्य उत्सव किया। कुछ विजयी उम्मीदवारों ने शिवसेना भवन तक विजय जुलूस निकाले। ढोल-ताशों की गूंज के बीच शिवसैनिकों ने विजय का गुलाल उड़ाया। विजयी उम्मीदवारों ने अपने-अपने वार्डों में भी विजय रैलियां निकालीं।
कमल पर भारी पड़ी मशाल!
मुंबई में कई जगहों पर कल कमल पर मशाल भारी पड़ी। शिवसैनिकों के जयघोष से मुंबई की सड़कें गूंज उठीं। मुंबई के नतीजों ने पैसे और सत्ता के अहंकार में डूबे लोगों को जमीन पर ला दिया है। कई मतदार संघों में शिवशक्ति ने गद्दारों की करारी हार कराई। गद्दार उम्मीदवारों पर शिवशक्ति के उम्मीदवारों ने दमदार जीत दर्ज की। एक ओर गद्दारों को सबक सिखाते हुए शिवसेना के गढ़ माने जाने वाले वार्डों में निष्ठावानों ने बड़े अंतर से विजय प्राप्त की। गढ़ में निष्ठावानों की ही आवाज है और गद्दारों के लिए कोई जगह नहीं, यह संदेश शिवसैनिकों और मनसैनिकों ने दिया है।
प्रभाग क्रमांक ८८ से जोरदार जीत दर्ज करते हुए शिवसेना की श्रवरी सदा परब ने भाजपा की डॉ. प्रज्ञा प्रसाद सामंत को पराजित किया। इस प्रभाग में दादा गुट, वंचित बहुजन आघाड़ी के उम्मीदवारों के साथ चार निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे। श्रवरी परब को १०,६७५ वोट मिले, जबकि डॉ. सामंत को ७,१३४ वोटों पर संतोष करना पड़ा।
प्रज्ञा भुतकर की शानदार जीत
प्रभाग क्रमांक ९४ में शिंदे गुट को शिकस्त देते हुए शिवसेना की प्रज्ञा भुतकर ने जीत हासिल की। प्रज्ञा भुतकर को १०,३३७ वोट मिले, जबकि शिंदे गुट की पल्लवी पाई–सरमलकर को ७,९७७ वोट मिले।
सोनाली सावे ने शिंदे गुट को दी करारी शिकस्त
शिवसेना की प्रभाग क्रमांक ८३ की उम्मीदवार सोनाली सावे ने शिंदे गुट की उम्मीदवार निधी सावंत को करारी शिकस्त देकर जीत दर्ज की। इस प्रभाग में कांग्रेस, दादा गुट ने भी किस्मत आजमाई। शिवसेना के पूर्व सांसद विनायक राऊत के पुत्र गितेश राऊत ने ११,२५७ वोट हासिल कर शिंदे गुट के उम्मीदवार राजेश नाईक को पराजित किया। इस प्रभाग में नौ निर्दलीय उम्मीदवार थे, वहीं कांग्रेस ने भी अपना उम्मीदवार उतारा था। पूर्व सांसद विनायक राऊत के मजबूत जनसंपर्क और गितेश राऊत की प्रभावी चुनावी तैयारी से यहां शिवसेना की मशाल प्रचंड रूप से जलती रही। शिंदे गुट के उम्मीदवार राजेश नाईक को लगभग ९,००० वोटों पर रोकते हुए गितेश राऊत ने शानदार जीत दर्ज की।
